By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: उत्तराखंड में हाईटेक होगा मौसम का पहरा, ‘विंडस’ नेटवर्क से गांव स्तर तक मिलेगी सटीक जानकारी
Share
Notification Show More
Latest News
उत्तराखंड में हाईटेक होगा मौसम का पहरा, ‘विंडस’ नेटवर्क से गांव स्तर तक मिलेगी सटीक जानकारी
उत्तराखंड
परमवीर चक्र विजेताओं को अब दो करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, कारगिल विजय दिवस पर सीएम धामी का बड़ा ऐलान
उत्तराखंड
MDDA का बड़ा एक्शन, हरिद्वार बाईपास और डोईवाला में तीन अवैध व्यावसायिक निर्माण सील
उत्तराखंड
उत्तराखंड में हर साल 4,534 मवेशियों को निगल रहे बाघ और गुलदार 
उत्तराखंड
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन, धामी बोले- वीरों का बलिदान हमेशा रहेगा राष्ट्र की प्रेरणा
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड में हाईटेक होगा मौसम का पहरा, ‘विंडस’ नेटवर्क से गांव स्तर तक मिलेगी सटीक जानकारी
उत्तराखंड

उत्तराखंड में हाईटेक होगा मौसम का पहरा, ‘विंडस’ नेटवर्क से गांव स्तर तक मिलेगी सटीक जानकारी

Web Editor
Last updated: 2026/07/26 at 4:43 PM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

Dehradun, 26 july 2026। उत्तराखंड में मौसम की सटीक जानकारी अब गांव स्तर तक उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार की मौसम सूचना नेटवर्क एवं डेटा प्रणाली (WINDS) के तहत राज्य में अत्याधुनिक ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और ऑटोमैटिक रेन गेज (ARG) लगाए जा रहे हैं। यह नेटवर्क बदलते मौसम पर लगातार नजर रखेगा और किसानों से लेकर आपदा प्रबंधन एजेंसियों तक सभी को रियल टाइम मौसम संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराएगा। इससे खेती की बेहतर योजना बनाने, फसल बीमा के नुकसान का वैज्ञानिक आकलन करने और प्राकृतिक आपदाओं से समय रहते निपटने में मदद मिलेगी।

उत्तराखंड देश के उन सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल है, जहां पहले चरण में WINDS परियोजना लागू की जा रही है। इस सूची में असम, हिमाचल प्रदेश, केरल, ओडिशा, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। परियोजना का उद्देश्य देशभर में मौसम संबंधी आंकड़ों का मजबूत और भरोसेमंद नेटवर्क तैयार करना है, जिससे स्थानीय स्तर पर सटीक मौसम पूर्वानुमान संभव हो सके।

देशभर में अब तक 16,843 स्थानों पर ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और ऑटोमैटिक रेन गेज स्थापित करने की मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें 1,188 स्थानों पर सिविल कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 892 उपकरणों की स्थापना भी की जा चुकी है। आने वाले समय में इस नेटवर्क का और विस्तार किया जाएगा।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र के अनुसार, WINDS नेटवर्क मौसम आधारित कृषि को मजबूत करेगा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान के आकलन को अधिक पारदर्शी और वैज्ञानिक बनाएगा। इसके साथ ही बाढ़, भूस्खलन, बादल फटना और अत्यधिक वर्षा जैसी प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी तथा समय रहते चेतावनी जारी करने में भी यह प्रणाली अहम भूमिका निभाएगी। पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में इसका लाभ विशेष रूप से देखने को मिलेगा, जहां कुछ किलोमीटर की दूरी पर ही मौसम तेजी से बदल जाता है।

ऐसे काम करेगा WINDS

WINDS के तहत लगाए जाने वाले ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और दिशा, वायुदाब सहित कई मौसम संबंधी आंकड़े स्वतः रिकॉर्ड करेंगे। वहीं ऑटोमैटिक रेन गेज (ARG) किसी क्षेत्र में हुई वर्षा की सटीक मात्रा मापेंगे। इन दोनों उपकरणों से प्राप्त डेटा सीधे केंद्रीय सर्वर पर पहुंचेगा, जहां उसका विश्लेषण कर हाइपर-लोकल मौसम पूर्वानुमान तैयार किया जाएगा। यानी गांव या छोटे क्षेत्र के स्तर तक मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।

किसानों और आपदा प्रबंधन को होगा बड़ा लाभ

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय प्रदेश में यह नेटवर्क किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। मौसम की अग्रिम जानकारी मिलने से किसान बुवाई, सिंचाई, दवा छिड़काव और फसल कटाई का सही समय तय कर सकेंगे। वहीं भारी बारिश, ओलावृष्टि और खराब मौसम की पूर्व चेतावनी मिलने से फसलों के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रशासन को भी आपदा प्रबंधन की तैयारी समय रहते करने का अवसर मिलेगा, जिससे जन-धन की हानि कम की जा सकेगी।

You Might Also Like

परमवीर चक्र विजेताओं को अब दो करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, कारगिल विजय दिवस पर सीएम धामी का बड़ा ऐलान

MDDA का बड़ा एक्शन, हरिद्वार बाईपास और डोईवाला में तीन अवैध व्यावसायिक निर्माण सील

उत्तराखंड में हर साल 4,534 मवेशियों को निगल रहे बाघ और गुलदार 

कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन, धामी बोले- वीरों का बलिदान हमेशा रहेगा राष्ट्र की प्रेरणा

AI, ड्रोन और कैमरा ट्रैप से होगी जंगलों की चौकसी, धामी ने दिए हाईटेक निगरानी के निर्देश

TAGGED: Uttarakhand to Get WINDS Weather Monitoring Network for Hyperlocal Forecasts
Web Editor July 26, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article परमवीर चक्र विजेताओं को अब दो करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, कारगिल विजय दिवस पर सीएम धामी का बड़ा ऐलान
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

उत्तराखंड में हाईटेक होगा मौसम का पहरा, ‘विंडस’ नेटवर्क से गांव स्तर तक मिलेगी सटीक जानकारी
उत्तराखंड July 26, 2026
परमवीर चक्र विजेताओं को अब दो करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, कारगिल विजय दिवस पर सीएम धामी का बड़ा ऐलान
उत्तराखंड July 26, 2026
MDDA का बड़ा एक्शन, हरिद्वार बाईपास और डोईवाला में तीन अवैध व्यावसायिक निर्माण सील
उत्तराखंड July 26, 2026
उत्तराखंड में हर साल 4,534 मवेशियों को निगल रहे बाघ और गुलदार 
उत्तराखंड July 25, 2026

Recent Posts

  • उत्तराखंड में हाईटेक होगा मौसम का पहरा, ‘विंडस’ नेटवर्क से गांव स्तर तक मिलेगी सटीक जानकारी
  • परमवीर चक्र विजेताओं को अब दो करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, कारगिल विजय दिवस पर सीएम धामी का बड़ा ऐलान
  • MDDA का बड़ा एक्शन, हरिद्वार बाईपास और डोईवाला में तीन अवैध व्यावसायिक निर्माण सील
  • उत्तराखंड में हर साल 4,534 मवेशियों को निगल रहे बाघ और गुलदार 
  • कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन, धामी बोले- वीरों का बलिदान हमेशा रहेगा राष्ट्र की प्रेरणा

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,454)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,317)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,819)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,749)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,554)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?