Dehradun, 10 August 2026 । उत्तराखंड में अब विद्यार्थियों के सुझाव सरकारी नीतियों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि युवाओं की सोच, आकांक्षाओं और उपयोगी सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा और जरूरत के अनुसार इन्हें सरकारी नीतियों में शामिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रदेशभर के विद्यार्थियों से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम में 2828 सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल का शुभारंभ किया और ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता की शुरुआत की।
खेल, शिक्षा और पर्यावरण पर छात्रों ने दिए सुझाव
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने खेलों को बढ़ावा देने, सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड संचालित करने, विद्यालयों में अवसर बढ़ाने, उच्च शिक्षा में उत्तराखंड को अग्रणी बनाने, पर्यटन को प्रोत्साहित करने और विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने के सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सुझावों को नोट करते हुए अधिकारियों को इनके आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
धामी ने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अंक हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विषय की समझ, संस्कार और अनुशासन जीवन में सफलता की मजबूत नींव हैं। उन्होंने युवाओं से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
एआई का इस्तेमाल करें, लेकिन सोचने की क्षमता न छोड़ें
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को एआई के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि तकनीक ज्ञान हासिल करने में मददगार है, लेकिन इसे सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं बनने देना चाहिए।
140 विद्यार्थियों की कोचिंग का खर्च उठाएगी सरकार
निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 140 विद्यार्थियों की नीट, जेईई, क्लैट और एसएटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग सहित आवश्यक शुल्क का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।




