Dehradun, 09 August 2026। उत्तराखंड में पनीर, घी, मक्खन और अन्य दुग्ध उत्पादों के नाम पर बिकने वाले अमानकीकृत और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले गैर-दुग्ध उत्पादों पर अब पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय की ओर से जारी आदेश पूरे उत्तराखंड में लागू होगा। यह प्रतिबंध राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभावी माना जाएगा और एक वर्ष तक या एफएसएसएआई की ओर से संबंधित उत्पादों के लिए अंतिम मानक अधिसूचित होने तक जारी रहेगा।
दूध नहीं तो डेयरी उत्पाद के नाम पर बिक्री भी नहीं
सरकार की कार्रवाई का सीधा निशाना उन उत्पादों पर है, जो दिखने और पैकेजिंग में पनीर, घी, मक्खन या अन्य दुग्ध उत्पाद जैसे नजर आते हैं, लेकिन वास्तव में उनमें दूध के बजाय वनस्पति वसा, वनस्पति तेल या अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे उत्पादों की बिक्री से उपभोक्ताओं के भ्रमित होने की स्थिति को देखते हुए विभाग ने इनके कारोबार पर रोक लगाई है।
हालांकि एफएसएसएआई के निर्धारित मानकों के अनुरूप फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पाद प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगे।
निर्माण से बिक्री तक हर स्तर पर निगरानी
प्रतिबंध लागू होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग प्रदेशभर में व्यापक जांच अभियान चलाएगा। डेयरी इकाइयों, गोदामों, थोक एवं खुदरा बाजारों के साथ होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों की भी जांच होगी। संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराया जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। विभाग उत्पाद जब्त करने से लेकर लाइसेंस निरस्त करने और अन्य कानूनी कार्रवाई तक कर सकता है।
उपभोक्ताओं को भ्रमित करने पर सख्ती
चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन और त्योहारों के दौरान प्रदेश में डेयरी उत्पादों की मांग बढ़ने को देखते हुए इस अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य बाजार में ऐसे उत्पादों की बिक्री रोकना है, जो असली दुग्ध उत्पाद नहीं होने के बावजूद उसी रूप में उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे हैं।
आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने खाद्य कारोबारियों को केवल निर्धारित मानकों वाले उत्पादों का निर्माण और विक्रय करने की हिदायत दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित उत्पादों का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




