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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > केदारनाथ यात्रा :  डंडी- कंडी संचालकों ने संभाला मोर्चा, बोले यात्रा में नहीं आने देंगे अड़चन
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केदारनाथ यात्रा :  डंडी- कंडी संचालकों ने संभाला मोर्चा, बोले यात्रा में नहीं आने देंगे अड़चन

Web Editor
Last updated: 2025/05/09 at 9:37 AM
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4 Min Read
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7000 डंडी कंडी और पिट्ठू संचालक यात्रा के लिए पंजीकृत, प्रतिदिन करीब 1200 श्रद्धालुओं को पहुंचा रहे धाम

रुद्रप्रयाग :  श्री केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा सुचारू रूप से चलती रहे इसके लिए यात्रा से जुड़ा हर व्यक्ति अपना निस्वार्थ योगदान देता है। एक दूसरे के कंधे से कंधा मिलाकर चलने से ही यात्रा सुव्यवस्थित रूप से चलती है, इसकी ताजी मिसाल डंडी- कंडी और पिट्ठू संचालकों ने पेश की है। इक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस के चलते पशुपालन विभाग ने घोड़े- खच्चर को आराम का समय दिया तो डंडी- कंडी और पिट्ठू संचालकों ने मोर्चा संभाल लिया है, बाबा के दर्शनों को पहुंच रहे श्रद्धालुओं को धाम ले जाने से लेकर खाद्य एवं अन्य सामग्री की आपूर्ति यही लोग कर रहे हैं।

अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रुद्रप्रयाग संजय कुमार ने बताया कि इस वर्ष करीब 7000 डंडी कंडी और पिट्ठू संचालक श्री केदारनाथ धाम यात्रा के लिए पंजीकृत हैं। जिनका संचालन प्रतिदिन हो रहा है, घोड़े- खच्चरों को आराम मिलने के बाद से इनके माध्यम से ही पैदल यात्रा करने में असमर्थ श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं वहीं पैदल यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक खाद्य सामग्री सहित अन्य सामग्री भी इन्हीं लोगों की मदद से पहुंचाई जा रही है। प्रतिदिन 1000 से 1200 श्रद्धालु डंडी- कंडी से धाम पहुंच रहे हैं, जबकि लगभग 1000 डंडी- कंडी एवं पिट्ठू संचालक खाद्य एवं अन्य सामग्री की आपूर्ति में जुटे हुए हैं। इस कठिन समय में जिला पंचायत की निगरानी में डंडी -कंडी संचालक यात्रा प्रबंधन में अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं और सभी का यही कहना है कि यात्रा संचालन में कोई कमी नहीं आने देंगें।

डंडी कंडी संचालक बोले यात्रा नहीं होने देंगे बाधित

यात्रा मार्ग पर डंडी- कंडी चलाने वाले गणेश सिंह ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा उनकी आय का मुख्य श्रोत है। हर वर्ष यात्रा मार्ग पर डंडी- कंडी के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्री केदारनाथ धाम पहुंचाने का काम वो करते हैं। इस वर्ष इक्वाइन इन्फ्लूएंजा वायरस के चलते घोड़े खच्चरों का संचालन प्रभावित हुआ है और उन्हें लगातार आराम की जरूरत है। ऐसे में हम लोगों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है। डंडी कंडी संचालक पूरी तरह से शासन- प्रशासन और श्रद्धालुओं के साथ खड़े हैं। हमारे रहते न यात्रा प्रभावित होगी न अनिवार्य सामग्री की कमी यात्रा मार्ग में होगी, बाबा की यात्रा सफल बनाने के लिए हम हमेशा तत्पर हैं।

व्यापारी बोले खाद्य एवं जरूरी सामग्री पूरी, अफवाहों पर ध्यान न दें श्रद्धालु

केदारपुरी में दुका न संचालित करने वाले व्यापारी भी लगातार यह बात बता रहे हैं कि केदारनाथ एवं यात्रा मार्ग पर खाद्य या अन्य जरूरत की सामग्री की कोई कमी नहीं है। व्यापारी प्रकाश बिष्ट ने कहा कि घोड़े -खच्चरों में फैली बीमारी के चलते घोड़े -खच्चर अभी आराम पर हैं। लेकिन डंडी – कंडी संचालकों ने इस दौरान पूरा मोर्चा संभाल रखा है। श्री केदारनाथ धाम की बात हो या यात्रा मार्ग की सभी जगह खाद्य एवं अन्य सामग्री भरपूर मात्रा में उपलब्ध है, इसके लिए सभी व्यापारी डंडी कंडी संचालकों को विशेष धन्यवाद देते हैं। बाबा के दर्शनों को पहुंच रहे श्रद्धालुओं से अपील है कि बिना किसी संकोच के यात्रा पर आएं। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलाई जा रही किसी नकारात्मक एवं झूठी अफवाहों पर ध्यान न दें।

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साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

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