By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: केदारनाथ धाम: 10 किमी पैदल मार्ग में 11 संवेदनशील जोन चिह्नित
Share
Notification Show More
Latest News
अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे
उत्तराखंड
क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी
उत्तराखंड
चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी
उत्तराखंड
दुनियाभर में होगी उत्तराखंड के सेब की ब्राडिंग 
उत्तराखंड
उत्तरकाशी में काशी-विश्वनाथ-शक्ति माता कॉरिडोर बनेगा
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > केदारनाथ धाम: 10 किमी पैदल मार्ग में 11 संवेदनशील जोन चिह्नित
उत्तराखंड

केदारनाथ धाम: 10 किमी पैदल मार्ग में 11 संवेदनशील जोन चिह्नित

Web Editor
Last updated: 2026/02/10 at 5:12 AM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

Kedarnath Yatra 2026: 11 Danger Zones Identified on Gaurikund–Lincholi Route

रुद्रप्रयाग, 10 February 2026 । विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देश पर 7 और 8 फरवरी को विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने यात्रा के पैदल मार्ग का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान गौरीकुंड से छोटी लिनचोली तक करीब 10 किलोमीटर के दायरे में 11 ऐसे डेंजर जोन सामने आए, जहां हर वर्ष भूस्खलन, पत्थर गिरने और मार्ग क्षति का खतरा बना रहता है।
निरीक्षण दल ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े हिस्सों के साथ-साथ पैदल ट्रैक के अत्यंत संवेदनशील स्थलों को प्राथमिकता से चिह्नित किया। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि इन स्थलों पर तत्काल तकनीकी सर्वे कर एस्टीमेट तैयार किए जाएं और सुधारात्मक कार्य शीघ्र शुरू हों, ताकि यात्रा आरंभ होने से पहले जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।
गौरीकुंड क्षेत्र में यात्रियों की सुविधाओं पर विशेष फोकस किया गया। तप्तकुंड के सुधारीकरण, साफ-सफाई और महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पैदल मार्ग पर खतरा बन सकने वाले सूखे, झुके और कमजोर पेड़ों को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मदद से हटाया गया।
अधिकारियों ने छोटी लिनचोली तक पैदल मार्च कर मार्ग की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान पेयजल, बिजली, शौचालय और स्वच्छता व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण में उपजिलाधिकारी अनिल रावत के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन, विद्युत विभाग, जल संस्थान, मंदिर समिति, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल रहे। ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला और गौरीकुंड के प्रधान प्रतिनिधि ने स्थानीय समस्याओं और सुझावों से प्रशासन को अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को तीन दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट यात्रा सेल को सौंपने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि चिन्हित 11 डेंजर जोनों में समय रहते ठोस सुरक्षा उपाय किए जाएंगे, ताकि केदारनाथ यात्रा 2026 श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।

You Might Also Like

अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे

क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी

चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी

दुनियाभर में होगी उत्तराखंड के सेब की ब्राडिंग 

उत्तरकाशी में काशी-विश्वनाथ-शक्ति माता कॉरिडोर बनेगा

TAGGED: Ahead of Kedarnath Yatra 2026, the Rudraprayag administration has identified 11 danger zones on the 10 km Gaurikund to Lincholi trekking route and accelerated safety and infrastructure preparations.
Web Editor February 10, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article कार्यकर्ताओं को जीत गुर सिखाएगी भाजपा
Next Article सादगी और श्रद्धा के साथ मनाया गया श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का 26वां प्रकटोत्सव
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे
उत्तराखंड October 9, 2026
क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी
उत्तराखंड October 8, 2026
चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी
उत्तराखंड October 8, 2026
दुनियाभर में होगी उत्तराखंड के सेब की ब्राडिंग 
उत्तराखंड October 8, 2026

Recent Posts

  • अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे
  • क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी
  • चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी
  • दुनियाभर में होगी उत्तराखंड के सेब की ब्राडिंग 
  • उत्तरकाशी में काशी-विश्वनाथ-शक्ति माता कॉरिडोर बनेगा

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,637)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (7,573)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (6,146)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (5,986)
  • हिमनद झीलों पर नजर, एक-दो मिनट में मिलेगा खतरे का अलर्ट (5,914)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?