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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > केदारनाथ धाम: 10 किमी पैदल मार्ग में 11 संवेदनशील जोन चिह्नित
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केदारनाथ धाम: 10 किमी पैदल मार्ग में 11 संवेदनशील जोन चिह्नित

Web Editor
Last updated: 2026/02/10 at 5:12 AM
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Kedarnath Yatra 2026: 11 Danger Zones Identified on Gaurikund–Lincholi Route

रुद्रप्रयाग, 10 February 2026 । विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देश पर 7 और 8 फरवरी को विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम ने यात्रा के पैदल मार्ग का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान गौरीकुंड से छोटी लिनचोली तक करीब 10 किलोमीटर के दायरे में 11 ऐसे डेंजर जोन सामने आए, जहां हर वर्ष भूस्खलन, पत्थर गिरने और मार्ग क्षति का खतरा बना रहता है।
निरीक्षण दल ने राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े हिस्सों के साथ-साथ पैदल ट्रैक के अत्यंत संवेदनशील स्थलों को प्राथमिकता से चिह्नित किया। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि इन स्थलों पर तत्काल तकनीकी सर्वे कर एस्टीमेट तैयार किए जाएं और सुधारात्मक कार्य शीघ्र शुरू हों, ताकि यात्रा आरंभ होने से पहले जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।
गौरीकुंड क्षेत्र में यात्रियों की सुविधाओं पर विशेष फोकस किया गया। तप्तकुंड के सुधारीकरण, साफ-सफाई और महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पैदल मार्ग पर खतरा बन सकने वाले सूखे, झुके और कमजोर पेड़ों को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की मदद से हटाया गया।
अधिकारियों ने छोटी लिनचोली तक पैदल मार्च कर मार्ग की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान पेयजल, बिजली, शौचालय और स्वच्छता व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण में उपजिलाधिकारी अनिल रावत के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन, विद्युत विभाग, जल संस्थान, मंदिर समिति, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल रहे। ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला और गौरीकुंड के प्रधान प्रतिनिधि ने स्थानीय समस्याओं और सुझावों से प्रशासन को अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को तीन दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट यात्रा सेल को सौंपने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि चिन्हित 11 डेंजर जोनों में समय रहते ठोस सुरक्षा उपाय किए जाएंगे, ताकि केदारनाथ यात्रा 2026 श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।

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TAGGED: Ahead of Kedarnath Yatra 2026, the Rudraprayag administration has identified 11 danger zones on the 10 km Gaurikund to Lincholi trekking route and accelerated safety and infrastructure preparations.
Web Editor February 10, 2026
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