Uttarakhand anti-drug campaign : Uttarakhand Anti-Drug Campaign: Illegal Medicines Worth Lakhs Seized | CM Dhami’s Push
Uttarakhand anti-drug campaign : देहरादून, 30 जुलाई 2025 : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “नशामुक्त उत्तराखंड” अभियान को ज़मीनी स्तर पर उतारने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। देहरादून और हरिद्वार में चलाए गए सघन अभियान में अवैध रूप से भंडारित मनः प्रभावी औषधियां (Psychotropic Medicines) जब्त की गईं और फर्म सील कर दी गई।
देहरादून में औषधि विभाग की टीमों ने पांच थोक औषधि विक्रेताओं के परिसरों का औचक निरीक्षण किया। एक बंद पड़ी फर्म को खुलवाने पर उसके भीतर भारी मात्रा में अवैध मनः प्रभावी दवाएं मिलीं। फर्म मालिक के मौके पर न होने के कारण सभी दवाएं सील कर दी गईं और फर्म को भी सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य सचिव और आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप राज्य को नशामुक्त बनाना प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मियाद समाप्त दवाओं, अवैध भंडारण और बिना लाइसेंस संचालन जैसे मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और उल्लंघन करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।
इसी क्रम में, टर्नर रोड, देहरादून पर मियाद समाप्त औषधियों के अवैध निस्तारण की सूचना पर छापेमारी कर फेंकी हुई दवाएं बरामद कर उन्हें नष्ट किया गया। इस कृत्य में शामिल व्यक्ति/फर्म की पहचान की जा रही है और पुष्टि होते ही कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण टीम ने गुणवत्ता जांच के लिए तीन औषधियों के नमूने भी लिए हैं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
हरिद्वार में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी, जहां वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती की टीम ने लगभग साढ़े तीन लाख ट्रामाडोल टैबलेट्स के निर्माण से पहले ही उसकी एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट (API) जब्त कर ली। इस कार्रवाई से पंजाब राज्य में हो रही ट्रामाडोल की एक बड़ी खेप को समय रहते रोका जा सका। पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी में हरिद्वार स्थित कंपनी में भी कार्रवाई की गई, जो पंजाब में जब्त 70,000 ट्रामाडोल टैबलेट्स के निर्माण से जुड़ी थी।
औषधि नियंत्रक उत्तराखंड के निर्देश पर राज्यभर में औषधि विक्रेताओं और विनिर्माताओं को मियाद समाप्त औषधियों का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और सतर्कता अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।