By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: उत्तराखंड के छह शहरों में नदी और शहरी विकास साथ-साथ
Share
Notification Show More
Latest News
कुंभ : ट्रैफिक प्लान को अंतिम रूप देने की कवायद तेज, रेलवे-प्रशासन में समन्वय के निर्देश
उत्तराखंड
अब ऐप से बुक करें जंगलात की लकड़ी, ‘हिमकाष्ठ’ से ऑनलाइन बिक्री और नीलामी शुरू
उत्तराखंड
मेहुवाला में अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर, एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप
उत्तराखंड
देहरादून के विकास की नई रूपरेखा: 968 करोड़ के बजट से बदलेगा शहर का स्वरूप
उत्तराखंड
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में विशाल मिश्रा के साथ सजी सुरों की शाम
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड के छह शहरों में नदी और शहरी विकास साथ-साथ
उत्तराखंड

उत्तराखंड के छह शहरों में नदी और शहरी विकास साथ-साथ

Web Editor
Last updated: 2026/03/15 at 4:48 AM
Web Editor
Share
3 Min Read
SHARE

Urban River Management Plan for Six Uttarakhand Cities in Ganga Basin

 

उत्तरकाशी, 15 March  2026 । गंगा बेसिन के शहरों में नदी संरक्षण और शहरी विकास को साथ लेकर चलने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत गंगा नदी से जुड़े 27 शहरों के लिए विशेष ‘अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान’ तैयार किया जा रहा है। इस योजना में उत्तराखंड के गंगोत्री, यमुनोत्री, ऋषिकेश, हरिद्वार, हल्द्वानी-काठगोदाम और रामनगर को शामिल किया गया है। इन शहरों में नदी तटों के संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और टिकाऊ शहरी विकास की नई रूपरेखा बनाई जाएगी।
योजना की तैयारी के लिए विशेषज्ञ टीमों ने मैदानी सर्वे शुरू कर दिया है। इसी क्रम में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) और राज्य स्वच्छ गंगा मिशन की संयुक्त टीम ने उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्र का पांच दिवसीय दौरा किया। टीम ने गंगोत्री क्लस्टर के धराली, मुखबा, बगोरी, हर्षिल और गंगोत्री धाम का स्थलीय निरीक्षण कर नदी तटों की स्थिति, पर्यटन दबाव और पर्यावरणीय चुनौतियों का अध्ययन किया।
विशेषज्ञों ने पाया कि तीर्थ और पर्यटन गतिविधियों के बढ़ते दबाव के कारण कई स्थानों पर नदी तटों पर दबाव बढ़ रहा है। साथ ही जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं का जोखिम भी इन क्षेत्रों में बढ़ता दिखाई दे रहा है। वर्ष 2025 में आई आपदा से प्रभावित धराली क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया, जहां नदी किनारे बसे गांवों की संवेदनशीलता सामने आई और सुरक्षित नियोजन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
टीम ने यमुनोत्री क्लस्टर के खरसाली, जानकी चट्टी और यमुनोत्री धाम क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। यहां नदी किनारों पर अनियंत्रित निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की कमी और तीर्थयात्रा के दौरान बढ़ते कचरे को प्रमुख चुनौती के रूप में चिन्हित किया गया। विशेषज्ञों ने इन क्षेत्रों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने, ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और नदी तटों के आसपास नियंत्रित विकास की आवश्यकता बताई।
दौरे के निष्कर्षों पर चर्चा के लिए उत्तरकाशी जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में बहु-हितधारक बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव दिए।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रस्तावित शहरी नदी प्रबंधन योजना के तहत नदी पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा, जल गुणवत्ता में सुधार, बाढ़ जोखिम प्रबंधन और स्वच्छता अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही नदी आधारित पर्यटन और स्थानीय आजीविका के नए अवसर भी विकसित किए जाएंगे, जिससे गंगा तट के शहरों में पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।

You Might Also Like

कुंभ : ट्रैफिक प्लान को अंतिम रूप देने की कवायद तेज, रेलवे-प्रशासन में समन्वय के निर्देश

अब ऐप से बुक करें जंगलात की लकड़ी, ‘हिमकाष्ठ’ से ऑनलाइन बिक्री और नीलामी शुरू

मेहुवाला में अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर, एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

देहरादून के विकास की नई रूपरेखा: 968 करोड़ के बजट से बदलेगा शहर का स्वरूप

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में विशाल मिश्रा के साथ सजी सुरों की शाम

TAGGED: A special Urban River Management Plan is being prepared for six Uttarakhand cities including Gangotri, Rishikesh and Haridwar to balance river conservation, urban development and tourism management in the Ganga basin., yamunotri
Web Editor March 15, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article क्रिकेटर कुलदीप यादव ने मंगेतर वंशिका चड्ढा के साथ लिए सात फेरे, मसूरी में सजी शाही शादी
Next Article श्री झण्डे जी महोत्सव में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, दूनवासी बढ़ा रहे मेले की रौनक
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

कुंभ : ट्रैफिक प्लान को अंतिम रूप देने की कवायद तेज, रेलवे-प्रशासन में समन्वय के निर्देश
उत्तराखंड April 29, 2026
अब ऐप से बुक करें जंगलात की लकड़ी, ‘हिमकाष्ठ’ से ऑनलाइन बिक्री और नीलामी शुरू
उत्तराखंड April 29, 2026
मेहुवाला में अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर, एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप
उत्तराखंड April 29, 2026
देहरादून के विकास की नई रूपरेखा: 968 करोड़ के बजट से बदलेगा शहर का स्वरूप
उत्तराखंड April 29, 2026

Recent Posts

  • कुंभ : ट्रैफिक प्लान को अंतिम रूप देने की कवायद तेज, रेलवे-प्रशासन में समन्वय के निर्देश
  • अब ऐप से बुक करें जंगलात की लकड़ी, ‘हिमकाष्ठ’ से ऑनलाइन बिक्री और नीलामी शुरू
  • मेहुवाला में अवैध कॉलोनी पर चला बुलडोजर, एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप
  • देहरादून के विकास की नई रूपरेखा: 968 करोड़ के बजट से बदलेगा शहर का स्वरूप
  • श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में विशाल मिश्रा के साथ सजी सुरों की शाम

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,132)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,018)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,526)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,406)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,303)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?