Central Team to Assess Uttarakhand Flood Damage , Promises Financial Aid
देहरादून, 6 सितंबर 2025 : उत्तराखंड में इस साल हुई अत्यधिक मानसूनी बारिश और उसके कारण हुए व्यापक नुकसान का आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम सोमवार को राज्य के दौरे पर आ रही है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने नई दिल्ली से लौटने के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने आपदा से हुई क्षति की भरपाई के लिए हरसंभव आर्थिक मदद का आश्वासन दिया है।
सचिव सुमन ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के विभागाध्यक्ष राजेंद्र सिंह और सचिव मनीष भारद्वाज ने इस संबंध में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीम के साथ सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें उन्हें राज्य की मौजूदा स्थिति और वास्तविक नुकसान से अवगत कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आपदा के बाद की जरूरतों का आकलन करने के लिए जल्द ही ‘पोस्ट डिजास्टर नीड असेसमेंट’ (PDNA) की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
व्यापक नुकसान और सरकार की मांग
सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, इस साल राज्य में 574 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले कई वर्षों में सबसे अधिक है। इसी कारण, जान-माल और बुनियादी ढाँचे का नुकसान भी बहुत ज्यादा हुआ है। राज्य सरकार ने भारत सरकार से इस क्षति की भरपाई और भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचाव के लिए 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि का अनुरोध किया है। इस राशि में से 1944.15 करोड़ रुपये क्षतिग्रस्त संपत्तियों के पुनर्निर्माण और बहाली के लिए, जबकि 3758.00 करोड़ रुपये उन संपत्तियों और क्षेत्रों को स्थिर करने के लिए मांगे गए हैं, जो आपदा से प्रभावित होने की कगार पर हैं।
केंद्रीय टीम, जिसका नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आर. प्रसना करेंगे, दो हिस्सों में राज्य के छह जिलों—उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, बागेश्वर और नैनीताल—का दौरा करेगी। टीम में उनके साथ उप निदेशक महेश कुमार, अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार, उप निदेशक विकास सचान, मुख्य अभियंता पंकज सिंह और निदेशक डॉ. वीरेन्द्र सिंह जैसे छह अन्य सदस्य भी शामिल होंगे।
सचिव सुमन ने बताया कि टीम के दौरे की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और उनका ‘मिनट-टू-मिनट’ कार्यक्रम तय कर लिया गया है। इस दौरान, आपदा से प्रभावित लोगों की आजीविका को हुए नुकसान के लिए भी केंद्र सरकार को एक अलग प्रस्ताव भेजा जाएगा। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद स्वरूप और राजकुमार नेगी समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।




