Uttarakhand Cuisine Shines at Rashtrapati Bhavan State Banquet
यूरोपीय यूनियन अध्यक्ष के सम्मान में उत्तराखंड के व्यंजनों ने बिखेरा हिमालयी स्वाद
देहरादून, 29 जनवरी 2026। राष्ट्रपति भवन में आयोजित “एट होम” समारोह इस बार उत्तराखंड की पाक परंपरा के नाम रहा। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के सम्मान में दिए गए राजकीय भोज में हिमालयी रसोई के पारंपरिक व्यंजनों ने अपनी खुशबू, स्वाद और विशिष्ट प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। यह अवसर उत्तराखंड की समृद्ध खाद्य संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवपूर्ण पहचान दिलाने वाला बन गया।
भोज की शुरुआत मुनस्यारी की पारंपरिक रेसिपी से प्रेरित “सुंदरकला थिचोणी” सूप से हुई। बकव्हीट नूडल्स, भुने टमाटर, फर्मेंटेड बैंगन, शलजम और आलू के शोरबे के अनूठे मेल ने इस सूप को खास बना दिया। इसकी सौम्य सुगंध और संतुलित स्वाद ने मेहमानों को पहली ही घूंट में पहाड़ की रसोई से जोड़ दिया।
मुख्य व्यंजनों में “जख्या आलू और ग्रीन टोमेटो चटनी” आकर्षण का केंद्र रहे। जखिया की महक में तले आलू और हरी टमाटर की खट्टी-मीठी चटनी का संगम पहाड़ी भोजन की सादगी और पोषण का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। इसके साथ परोसे गए अन्य व्यंजनों में भी स्थानीय जड़ी-बूटियों और मौसमी सब्जियों का सुंदर समावेश दिखा, जिसने उत्तराखंड के पारंपरिक खान-पान की वैज्ञानिक और पौष्टिक महत्ता को रेखांकित किया।
भोज का समापन झंगोरे की खीर से हुआ। मोटे अनाज झंगोरा से बनी इस पारंपरिक मिठाई को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया गया, जिसमें शाही शैली और पहाड़ी स्वाद का अनूठा मेल नजर आया। इसकी हल्की मिठास और कोमल बनावट ने भोज को यादगार बना दिया।
इस राजकीय आयोजन ने साबित कर दिया कि उत्तराखंड की रसोई केवल स्थानीय परंपरा नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सराही जाने वाली समृद्ध विरासत है। राष्ट्रपति भवन में बिखरी उत्तराखंडी व्यंजनों की महक ने मेहमानों को न केवल आकर्षित किया, बल्कि उन्हें हिमालयी संस्कृति से आत्मीय रूप से जोड़ भी दिया।
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बिच्छू घास के व्यंजन बने खास आकर्षण
बिच्छू घास को सरसों और लौकी के साथ तैयार कर मीठी चटनी के संग परोसा गया। पोषक तत्वों से भरपूर यह व्यंजन पारंपरिक पहाड़ी ज्ञान और आधुनिक प्रस्तुति का सुंदर उदाहरण बना। इसके अनोखे स्वाद और खुशबू ने मेहमानों को पहाड़ी रसोई की विशिष्ट पहचान से रूबरू कराया।
