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Reading: देवभूमि को जिहाद की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे: मुख्यमंत्री 
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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > देवभूमि को जिहाद की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे: मुख्यमंत्री 
उत्तराखंड

देवभूमि को जिहाद की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे: मुख्यमंत्री 

Web Editor
Last updated: 2026/01/28 at 1:36 AM
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Strict Action on Polygamy Under UCC: CM Dhami on Uniform Civil Code Day

देहरादून, 28 जनवरी 2026 । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान बचाने के लिए आवाज उठाना अगर किसी को हेट स्पीच लगता है, तो यह उनकी सोच की समस्या है, हमारी नहीं। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग देवभूमि को जिहाद की प्रयोगशाला समझ रहे हैं, उनके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। उत्तराखंड शांति, संस्कृति और आस्था की भूमि है और इसके मूल स्वरूप से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण, अवैध अतिक्रमण, दंगे भड़काने की कोशिशों और समाज को तोड़ने वाली मानसिकता के खिलाफ कार्रवाई और भी तेज की जाएगी। सरकार पूरी सख्ती के साथ ऐसे तत्वों पर नजर रखे हुए है जो पर्दे के पीछे रहकर माहौल खराब करने की साजिश रचते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई चुनावी नारा नहीं है, बल्कि देवभूमि के अस्तित्व और सम्मान की लड़ाई है। राज्य में कानून का राज है और रहेगा, किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की शांति, एकता और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रशासन को पूरी मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे सजग रहें और समाज में सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।

मंगलवार को मुख्यमंत्री ने हिमालयन कल्चरल सेंटर, गढ़ीकैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यूसीसी केवल कानून नहीं, बल्कि समाज में न्याय, समानता और महिलाओं के सम्मान की गारंटी है। बहु विवाह जैसी कुप्रथाएं लंबे समय से महिलाओं के अधिकारों और गरिमा के खिलाफ रही हैं। यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद ऐसे मामलों पर पूरी तरह अंकुश लगाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार से कानून को तोड़ने या उसके साथ छल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने हाल ही में यूसीसी में आवश्यक संशोधनों से संबंधित विधेयक पारित किया है, जिसे राज्यपाल की स्वीकृति भी मिल चुकी है। इसके तहत विवाह के समय पहचान छिपाने, गलत जानकारी देने या धोखाधड़ी करने पर विवाह को निरस्त करने और दोषियों को दंडित करने का प्रावधान किया गया है। इससे बहु विवाह और फर्जी विवाह जैसे मामलों पर प्रभावी रोक लगेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने यूसीसी को लागू कर देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अब बहु विवाह, विवाह में धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों पर कठोर कार्रवाई कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कानून का भय बना रहे और महिलाएं सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है—कानून से ऊपर कोई नहीं है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, सविता कपूर, सुरेश गड़िया, बृज भूषण गैरोला, सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह, दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल, मनु गौड़, अजय मिश्रा , विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
बाक्स
राज्य में हलाला का कोई मामला नहीं
धामी ने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। मुस्लिम समाज की महिलाओं को हलाला, तीन तलाक, बाल विवाह और बहु विवाह जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में बहु विवाह या हलाला का कोई भी मामला सामने नहीं आया है, जो इस कानून की प्रभावशीलता को दर्शाता है। अब यदि भविष्य में ऐसे प्रकरण सामने आते हैं तो उन पर अलग से कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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यह कानून किसी धर्म और संप्रदाय के खिलाफ नहीं
उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के खिलाफ एक मजबूत कानूनी हथियार है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार, समान सुरक्षा और समान सम्मान देना है। बहु विवाह जैसी प्रथाओं पर सख्ती इसी सोच का हिस्सा है।

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TAGGED: and justice., equality, stating that the government is preparing tougher laws to ensure women’s safety, Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami announced stricter provisions against polygamy and marriage-related fraud during the first Uniform Civil Code Day
Web Editor January 28, 2026
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साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

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