Uttarakhand Govt Strengthens Anti-Narcotics Force to Boost Drug-Free Campaign
देहरादून, 11 February 2026। मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के बढ़ते नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार की दिशा में उत्तराखंड सरकार अब एंटी नारकोटिक्स फोर्स (एएनएफ) को मजबूत करने में पूरी ताकत झोंकती दिख रही है। राज्य मंत्रिमंडल ने एएनएफ के ढांचागत सशक्तिकरण का अहम फैसला लेते हुए मुख्यालय स्तर पर 22 नए पद सृजित करने को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय साफ संकेत देता है कि सरकार “ड्रग फ्री उत्तराखंड” के संकल्प को महज़ नारा नहीं, बल्कि ठोस प्रशासनिक कार्रवाई में बदलने के मूड में है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में कुल छह महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मीडिया सेंटर में सचिव सूचना शैलेश बगौली ने इन निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में पुलिस बल से प्रतिनियुक्ति पर कार्मिक तैनात किए जाते थे, लेकिन 2022 में गठित इस फोर्स के लिए अब अलग और स्थायी ढांचा खड़ा करने की शुरुआत हो गई है।
सरकार के फैसले के तहत राज्य मुख्यालय में पहली बार एएनएफ के लिए 22 पद सृजित किए जाएंगे। इनमें एक पुलिस उपाधीक्षक, दो ड्रग निरीक्षक, एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, चार मुख्य आरक्षी, आठ आरक्षी और दो आरक्षी चालक शामिल हैं। इससे न केवल मादक पदार्थों की तस्करी पर निगरानी और कार्रवाई तेज होगी, बल्कि जांच और अभियोजन की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।
मंत्रिमंडल के निर्णयों में वन विभाग के दैनिक श्रमिकों के लिए भी राहत भरी खबर है। सरकार ने 589 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन देने का फैसला किया है। वन विभाग और वन विकास निगम में कुल 893 दैनिक श्रमिक कार्यरत हैं, जिनमें से 304 को पहले ही न्यूनतम वेतन का लाभ मिल रहा है।
इसके अलावा कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) के ढांचे का भी व्यापक पुनर्गठन किया गया है। “उत्तराखण्ड कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवा नियमावली, 2026” के तहत अब कुल 94 पद स्वीकृत होंगे, जिससे चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी। वहीं कोविड-19 के दौरान पारित पेमेंट ऑफ बोनस (उत्तराखण्ड संशोधन) विधेयक, 2020 को वापस लेने का भी निर्णय लिया गया है।


