SRHU Honoured with Water Transversality Global Award 2026 for Water Conservation Efforts
देहरादून, 09 March 2026। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जौलीग्रांट और इसकी प्रायोजित संस्था हिमालयन इंस्टिट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआईएचटी) को जल संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। नई दिल्ली में आयोजित इंडिया वाटर फाउंडेशन के विशेष समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एसआरएचयू को प्रतिष्ठित वॉटर ट्रांसवर्सैलिटी ग्लोबल अवॉर्ड-2026 प्रदान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की ओर से उप निदेशक नितेश कौशिक, गिरीश उनियाल और लखपत बिष्ट ने यह सम्मान ग्रहण किया। यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्थाओं, नीति आयोग और भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के सहयोग से दिया गया है।
एसआरएचयू के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर जल संरक्षण का एक सशक्त मॉडल बन चुका है। उन्होंने कहा कि सूख चुके हैंडपंपों को पुनर्जीवित करने के लिए विश्वविद्यालय ने ‘डायरेक्ट इंजेक्शन तकनीक’ विकसित की है, जिसे पेटेंट भी मिला है।
उन्होंने बताया कि परिसर में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए 2.5 लाख लीटर क्षमता वाले 10 रिचार्ज पिट और 12 हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही एसटीपी के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर पानी को शुद्ध कर सिंचाई और बागवानी में उपयोग किया जा रहा है।
बॉक्स : 600 से अधिक गांवों में जल प्रबंधन का मॉडल
डॉ. विजय धस्माना ने बताया कि संस्थान पिछले 28 वर्षों से उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में जल आपूर्ति और स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। इस दौरान 600 से अधिक गांवों में जल प्रबंधन के सफल मॉडल स्थापित किए गए हैं, जिससे वहां की तस्वीर बदली है। संस्थान की विशेषज्ञता का लाभ अब देश के 31 राज्यों और 13 देशों के प्रतिनिधियों तक पहुंच रहा है।
बॉक्स : राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
डॉ. धस्माना के अनुसार भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने एचआईएचटी को जल जीवन मिशन के अंतर्गत मुख्य संसाधन केंद्र के रूप में नामित किया है। संस्थान अब तक देशभर में 8,500 से अधिक अभियंताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दे चुका है। इसके अलावा भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की ओर से मिला ग्रीन प्रैक्टिसेस प्लैटिनम अवॉर्ड भी संस्थान की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।




