MDDA Demolishes Illegal Plotting on 30 Bigha Land in Ganeshpur Dehradun
देहरादून, 14 March 2026। देहरादून में अनियोजित विकास और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा अभियान चलाया। शुक्रवार को गणेशपुर, शिमला बाईपास रोड क्षेत्र में लगभग 20 से 30 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को जेसीबी मशीनों से ध्वस्त कर दिया गया।
एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनी और प्लॉटिंग को चिन्हित किया और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। जांच में सामने आया कि इन्द्रजीत, अरुण पाल और विकास नामक व्यक्तियों द्वारा बड़े पैमाने पर बिना प्राधिकरण की अनुमति के भूमि को छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित कर बेचे जाने की तैयारी की जा रही थी। इस पूरी प्लॉटिंग के लिए न तो प्राधिकरण से लेआउट स्वीकृत कराया गया था और न ही आवश्यक अनुमति ली गई थी।
प्राधिकरण को इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर एमडीडीए की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया, जिसमें अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि हुई। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध रूप से बनाए गए रास्तों, प्लॉटों की सीमांकन दीवारों और अन्य संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण अधिकारियों के साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि अभियान में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि देहरादून शहर तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी के साथ कई क्षेत्रों में बिना अनुमति के कॉलोनियां विकसित करने के प्रयास भी सामने आ रहे हैं। ऐसी अवैध प्लॉटिंग से शहर के सुनियोजित विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और भविष्य में वहां बसने वाले लोगों को सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ सकता है।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने या प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गणेशपुर क्षेत्र में लगभग 20 से 30 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति प्लॉटिंग की जा रही थी, जिसे चिन्हित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि देहरादून के सुनियोजित विकास के लिए सभी निर्माण और भूमि विकास कार्य प्राधिकरण के नियमों के अनुरूप होना आवश्यक है।
वहीं, एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जहां भी ऐसी गतिविधियों की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी जमीन या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता, भू-उपयोग और प्राधिकरण से स्वीकृति की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।




