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चंपावत, 23 March 2026 । पहाड़ की दो महिलाओं ने साहस और सूझबूझ का ऐसा परिचय दिया कि घात लगाकर हमला करने वाला गुलदार भी उनके हौसले के सामने टिक नहीं पाया। लोहाघाट ब्लॉक के धौनी सिलिंग गांव में घटी इस घटना ने पूरे इलाके को चौंका दिया है।
रविवार को सीता अपनी सहेली गीता देवी के साथ रोज की तरह जंगल में चारा लेने निकली थीं। घर से करीब 200 मीटर दूर पहुंचते ही झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक गीता पर हमला बोल दिया। कुछ समझ पाते उससे पहले ही उसने अपने तेज पंजों से गीता के चेहरे और कंधे को घायल कर दिया।
इस दौरान सीता ने घबराने के बजाय साहस दिखाया। उसने तुरंत शोर मचाना शुरू किया और आसपास पड़े पत्थरों को उठाकर गुलदार पर लगातार फेंकने लगी। सीता के इस साहसिक प्रतिरोध से गुलदार घबरा गया। पत्थरों की चोट और बढ़ते शोर के बीच आखिरकार वह गीता को छोड़ जंगल की ओर भाग गया।
हमले में गीता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके चेहरे और कंधे पर गहरे जख्म आए हैं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत उपजिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें चंपावत जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गुलदार पहले भी इलाके में दो लोगों को अपना शिकार बना चुका है, जिससे लोगों में दहशत और बढ़ गई है। उन्होंने वन विभाग से जल्द कार्रवाई करते हुए पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
वन विभाग भी हरकत में आ गया है। रेंजर नारायण पांडेय के अनुसार, टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है और लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही, गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।




