Kedarnath Yatra 2026: 60 Workers Battle Heavy Snow on Trek Route Before Opening
रुद्रप्रयाग, 28 March 2026। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलने से पहले प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पैदल मार्ग पर जमी बर्फ के विशाल पहाड़ों से निपटना है। भैरव और कुबेर ग्लेशियर क्षेत्र में 15 से 18 फीट तक जमी बर्फ को हटाने के लिए 60 श्रमिक दिन-रात जुटे हुए हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी रास्ता खोलने की जंग लड़ रहे हैं।
इस बार सर्दियों में भारी हिमपात के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग के कई हिस्सों में मोटी बर्फ की परत जम गई है। खासतौर पर ग्लेशियर जोन में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं, जहां बर्फ की ऊंचाई कई स्थानों पर दीवार जैसी दिखाई दे रही है। ऐसे में यात्रा मार्ग को समय पर सुरक्षित और सुगम बनाना प्रशासन के लिए किसी बड़े अभियान से कम नहीं है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर तैनात 60 श्रमिकों की टीम को दो हिस्सों में बांटा गया है। एक टीम केदारनाथ धाम से नीचे की ओर मार्ग को साफ कर रही है, जबकि दूसरी टीम छोटी लिंचोली से ऊपर की ओर बढ़ते हुए बर्फ हटाने में जुटी है। दोनों टीमें करीब आधा दर्जन प्रमुख ग्लेशियर प्वाइंट्स पर जमी भारी बर्फ को काटकर रास्ता बनाने में लगी हैं।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह के अनुसार, इस बार बर्फबारी अधिक होने से कार्य और कठिन हो गया है। विशेषकर भैरव और कुबेर ग्लेशियर क्षेत्र में 15 से 18 फीट तक जमी बर्फ को हटाना जोखिम भरा है, लेकिन श्रमिक लगातार जुटे हुए हैं और तेजी से काम कर रहे हैं।
प्रशासन केवल बर्फ हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, संचार व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को भी समानांतर रूप से दुरुस्त किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रा शुरू होते ही श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार भी प्रशासन का फोकस यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने पर है। अधिकारियों का दावा है कि निर्धारित समय से पहले मार्ग को पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा।
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जरूरत पड़ी तो बढ़ेगी मजदूरों की संख्या
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि बर्फ हटाने का कार्य तय समय में पूरा करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता हुई, तो और श्रमिकों व मशीनों को लगाया जाएगा, ताकि यात्रा मार्ग हर हाल में समय पर तैयार किया जा सके।




