RRTS Expansion to Rishikesh: Uttarakhand Seeks Delhi-Meerut Rapid Rail Extension
देहरादून, 28 March 2026। उत्तराखंड के लिए बड़ी परिवहन उम्मीद जगाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली से मेरठ तक संचालित Regional Rapid Transit System (RRTS) को आगे बढ़ाकर हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तारित करने का अनुरोध किया है। इस पहल से उत्तराखंड को देश की राजधानी क्षेत्र से तेज, आधुनिक और सुगम रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
नई दिल्ली में हुई शिष्टाचार भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि रैपिड रेल का विस्तार मेरठ से आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक होता है तो इससे न केवल यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा। खासतौर पर चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन के लिए यह परियोजना गेमचेंजर साबित हो सकती है।
वर्तमान में दिल्ली से मेरठ तक संचालित रैपिड रेल देश की पहली सेमी-हाईस्पीड क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली है, जिसने NCR में आवागमन को तेज और सुविधाजनक बनाया है। अब इसके उत्तराखंड तक विस्तार की मांग से राज्य में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में नई उम्मीद जगी है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड आने का निमंत्रण भी दिया और राज्य में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
बैठक में सीएम धामी ने हरिद्वार कुंभ-2027 के लिए आर्थिक सहयोग, ऋषिकेश में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण, देहरादून रिंग रोड, चम्पावत बाईपास और देहरादून-मसूरी रोड जैसी परियोजनाओं के लिए भी धन्यवाद दिया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य में रक्षा उपकरण निर्माण हब की स्थापना, दिल्ली-हल्द्वानी एक्सप्रेस-वे निर्माण और रेल कनेक्टिविटी विस्तार से जुड़े कई अहम प्रस्ताव भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखे।
रेल परियोजनाओं के तहत ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन डबलिंग और ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया गया।
कुल मिलाकर, दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल को ऋषिकेश तक लाने की पहल उत्तराखंड के लिए कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत का संकेत मानी जा रही है। यदि यह योजना धरातल पर उतरती है, तो राजधानी से देवभूमि की दूरी समय और सुविधा दोनों के लिहाज से काफी कम हो जाएगी।




