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Reading: ड्रोन दीदी के रूप में प्रशिक्षित होंगी वीरांगनाएं
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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > ड्रोन दीदी के रूप में प्रशिक्षित होंगी वीरांगनाएं
उत्तराखंड

ड्रोन दीदी के रूप में प्रशिक्षित होंगी वीरांगनाएं

Web Editor
Last updated: 2025/04/10 at 3:25 AM
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खटीमा :  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को खटीमा स्थित तराई बीज विकास निगम के मैदान में सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन द्वारा स्व0 सूबेदार श्री शेर सिंह धामी की पाँचवी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।  धामी ने सम्बोधन में कहा कि पांच वर्ष पूर्व आज का दिन मेरे जीवन का सबसे कष्टप्रद और दुःखद दिन रहा जब मैंने, अपने प्रेरणास्रोत पूज्य पिताजी को खो दिया। मैं, जब पूज्य पिताजी को याद करता हूँ, तो आंखें नम हो जाती हैं, लेकिन गर्व भी होता है कि उन्होंने जीवन के जिन मूल्यों की मुझे शिक्षा दी, उन्हीं मूल्यों के सहारे आज मैं, जनसेवा की राह पर चल पा रहा हूँ। उन्होंने कहा कि उनके पिताजी के विचार, उनके सिद्धांत और उनका संघर्षमय जीवन आज भी हर मोड़ पर मेरा मार्गदर्शन करता है। पूज्य पिताजी ने अपना संपूर्ण जीवन बड़ी ही सादगी के साथ जिया, परंतु अपने दृढ़ व्यक्तित्व और सेवा भावना द्वारा हमेशा समाज के लिए कार्य किया।

सीएम श्री धामी ने कहा कि उनके पिताजी ने सेना से रिटायरमेंट के बाद क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार प्रचार हेतु एक प्राइमरी स्कूल की स्थापना की जहां गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती थी। वे हमेशा कहते थे “बेटा, देश सेवा केवल वर्दी पहनकर ही नहीं होती, बल्कि प्रत्येक क्षण अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना भी एक प्रकार की देश सेवा ही है। उन्होंने कहा कि पिताजी के इन्हीं शब्दों ने मुझे राजनीति में कदम रखने से पहले ही ये बात सिखा दी थी कि राजनीति कोई बड़ा पद पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जनभावनाओं को समझकर उनके दुःख-दर्द में सहभागी बनने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए स्वयं को पूरी तरह से समर्पित कर देने का नाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं, सेना में तो नहीं हूं परंतु वीर सैनिकों को अपना आदर्श मानकर राष्ट्र सेवा में अपना यथासंभव योगदान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि एक सैनिक पुत्र होने के नाते, आज मुझे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों को देखकर अत्यंत हर्ष का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय सेना को प्रत्येक क्षेत्र में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिसके परिणामस्वरूप आज भारत न केवल अपनी रक्षा जरूरतों में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि विभिन्न देशों को रक्षा सामग्री निर्यात करने में भी नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सीएम श्री धामी ने कहा कि आदरणीय मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने जहां एक ओर शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया है। वहीं, सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है। इसके साथ ही, हमनें बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया है और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया है। यही नहीं, हम प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ-साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए मूल्य की स्थायी सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है।

सीएम श्री धामी ने कहा कि इन सभी कार्यों के अतिरिक्त, हमारी सरकार द्वारा प्रदेश के शहीदों की स्मृति में देहरादून के गुनियाल गांव में एक भव्य सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, जो उत्तराखंड के हमारे वीर सैनिकों की बहादुरी और बलिदान की जीवंत गाथा के रूप में स्थापित होगा। हमारी सरकार द्वारा खटीमा में सैनिक मिलन केंद्र के निर्माण के साथ ही सीएसडी कैंटीन का निर्माण भी कराया जा रहा है। साथ ही, टनकपुर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य सैनिक विश्राम गृह का निर्माण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज इस अवसर पर सभी को आश्वस्त करता हूँ कि हमारी सरकार सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं बलिदानियों के आश्रितों के हितों के लिए इसी प्रकार निरंतर कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि सैन्य धाम जैसा एक धाम टनकपुर बनबसा खटीमा क्षेत्र में किसी एक स्थान पर जहां भूमि की उपलब्धता हो वहॉ पर सैन्य धाम का निर्माण कराए जाने हेतु कार्य किया जाए इस हेतु सैनिक कल्याण मंत्री उत्तराखंड अपने स्तर से कार्यवाही करेंगे।

इस अवसर पर कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस सैनिक सम्मान समारोह में सैनिको एवं उनके परिजनों को सम्मानित करने का अवसर मिला है यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि धामी सरकार सैनिकों के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहीद सैनिको के परिजनों को सरकारी नौकरी, वीरांगनाओं के पेंशन बढ़ाने का काम धामी सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि 28 नदियों से जल व सैनिकों के घर से मिट्टी लेकर आज देहरादून में 5वां धाम सैन्य धाम बनकर तैयार हो गया है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित वीर नारियों, वीरगनाओं को सम्मानित किया उसके उपरांत उन्होंने चम्पावत, नैनीताल व उधमसिंह नगर के वीर शहीदों के चित्र पर पुष्ट अर्पित कर उन्हें नमन किया| उन्होंने अपने पूज्य पिता स्व0 सूबेदार श्री शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया।

इस दौरान केबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, सांसद अजय भट्ट, लेफ्टि0 जनरल संदीप जैन, पूर्व परिवहन मंत्री उत्तर प्रदेश अशोक कटारिया आदि ने भी अपने विचार रखे, तथा उपस्थित जनता को सम्बोधित किया।

इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री विनय रुहेला, डा अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा मेयर रुद्रपुर विकास शर्मा, काशीपुर दीपक बाली, हल्द्वानी गजराज बिष्ट, विधायक शिव अरोड़ा, त्रिलोक सिंह चीमा, गोपाल सिंह राणा, सुरेश गड़िया, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल, कमल जिंदल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, प्रेम सिंह राणा, अध्यक्ष नगर पालिका रमेश चंद्र जोशी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

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साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

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