Dehradun, 08 August 2026 उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को विस्तार देने की तैयारी है, लेकिन हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी की कीमत पर नहीं। पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए प्रस्तावित 20 नई पर्वत चोटियों को खोलने से पहले उनका विस्तृत पर्यावरणीय ऑडिट कराया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण की कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही इन चोटियों पर आरोहण का रास्ता साफ होगा।
इस अहम जिम्मेदारी का दायित्व उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) को सौंपा गया है। ऑडिट में यह देखा जाएगा कि संबंधित चोटियां पर्यावरणीय दृष्टि से कितनी संवेदनशील हैं और वहां पर्वतारोहण व ट्रेकिंग गतिविधियों का कितना दबाव सहन करने की क्षमता है। रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि किन चोटियों को पर्यटन गतिविधियों के लिए खोला जा सकता है।
पर्यटन बढ़े, लेकिन हिमालय सुरक्षित रहे
केंद्र सरकार ने आम बजट में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को विश्वस्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने भी साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कदम तेज किए हैं। इसी वर्ष केंद्र ने उत्तराखंड की 20 और पर्वत चोटियों को पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए खोलने की मंजूरी दी है।
वन मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भेजकर इन चोटियों का पर्यावरणीय ऑडिट कराने का आग्रह किया था। हाल ही में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन सरकार की प्राथमिकता है।
ऑडिट के दौरान जैव विविधता, वनस्पति, वन्यजीवों की मौजूदगी, जल स्रोतों, कचरा प्रबंधन, ट्रेकिंग क्षमता और मानवीय गतिविधियों से पड़ने वाले संभावित प्रभावों का वैज्ञानिक तरीके से आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद इसी के आधार पर आगे का निर्णय होगा।
नई चोटियों के खुलने से सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होम-स्टे, स्थानीय गाइड, पोर्टर, परिवहन, हस्तशिल्प और छोटे कारोबारों को भी नया बाजार मिल सकता है। सरकार की कोशिश है कि पर्यटन का विस्तार ईको-फ्रेंडली तरीके से हो, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिले और हिमालय की प्राकृतिक विरासत भी सुरक्षित रहे।
वर्तमान में 83 चोटियां हैं खुली
उत्तराखंड में वर्तमान में 83 पर्वत चोटियां पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए खुली हैं। वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने 41 नई चोटियों को खोलने की अनुमति दी थी, लेकिन मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंच गया। अदालत ने निर्देश दिए कि किसी भी नई चोटी को खोलने से पहले उसके पर्यावरणीय प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन और आकलन कराया जाए। इसके बाद पर्यावरणीय ऑडिट की प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया।
विशेषज्ञ करेंगे चोटियों का वैज्ञानिक सर्वे
पीसीबी के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार पर्यावरणीय ऑडिट के लिए राज्य के विभिन्न वैज्ञानिक और शोध संस्थानों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। संस्थानों का चयन होने के बाद विशेषज्ञ टीमें प्रस्तावित प्रत्येक चोटी का सर्वे करेंगी। इनके अध्ययन के आधार पर तैयार रिपोर्ट ही नई चोटियों पर पर्यटन गतिविधियां शुरू करने की दिशा तय करेगी।




