By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: कार्यरत अस्थायी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर 
Share
Notification Show More
Latest News
पूर्व मुख्य सचिव का बेटा निकला जालसाज
उत्तराखंड
सख्त हुई दून पुलिस, 43 धार्मिक स्थलों से हटवाए तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर
उत्तराखंड
लखवाड़ परियोजना को मिली रफ्तार, मुख्य सचिव ने 2031 तक निर्माण पूरा करने का दिया लक्ष्य
उत्तराखंड
सिलक्यारा सुरंग में फिर हादसा, शॉटक्रीट लाइनिंग का हिस्सा गिरने से श्रमिक की मौत
उत्तराखंड
उत्तराखंड में फिर होगी हिम तेंदुओं की वैज्ञानिक गणना, प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड फेज-2 को मिली मंजूरी
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > कार्यरत अस्थायी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर 
उत्तराखंड

कार्यरत अस्थायी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवाओं पर नहीं पड़ेगा असर 

Web Editor
Last updated: 2025/04/27 at 8:53 AM
Web Editor
Share
1 Min Read
SHARE

देहरादून :  सरकारी विभागों में आउटसोर्स, संविदा, दैनिक वेतन, वर्कचार्ज कार्यप्रभरित, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों की भर्ती पर रोक से, इस तरह की सेवा शर्तों के तहत पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मुख्यसचिव आनंद वर्द्धन ने स्पष्ट किया है कि, इस रोक का आशय मात्र भविष्य में होने वाली भर्तियों से है।

मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने कहा है कि सरकारी विभागों में आउटसोर्स, संविदा, दैनिक वेतन, वर्कचार्ज कार्यप्रभरित, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों की भर्ती पर रोक संबंधित ताजा शासनादेश का, इस तरह की व्यवस्था के तहत पहले से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उक्त शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि, भविष्य में रिक्त पदों पर अब मात्र नियमित भर्तियां ही की जाएंगी। मुख्य सचिव ने कहा कि कोई भी शासनादेश पिछली तिथि से लागू नहीं होता, इस कारण इस शासनादेश का असर भी आगामी भतिर्यों पर होगा, पहले से कार्यरत कर्मचारी इससे प्रभावित नहीं होंगे। सभी विभाग इसी क्रम में शासनादेश का पालन सुनिश्चित करेंगे।

You Might Also Like

पूर्व मुख्य सचिव का बेटा निकला जालसाज

सख्त हुई दून पुलिस, 43 धार्मिक स्थलों से हटवाए तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर

लखवाड़ परियोजना को मिली रफ्तार, मुख्य सचिव ने 2031 तक निर्माण पूरा करने का दिया लक्ष्य

सिलक्यारा सुरंग में फिर हादसा, शॉटक्रीट लाइनिंग का हिस्सा गिरने से श्रमिक की मौत

उत्तराखंड में फिर होगी हिम तेंदुओं की वैज्ञानिक गणना, प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड फेज-2 को मिली मंजूरी

TAGGED: The services of working temporary and outsourcing employees will not be affected
Web Editor April 27, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article चारधाम यात्रा के साथ ही मानसून के लिए भी रहें तैयार
Next Article सिक्स सिग्मा हाई एल्टीट्यूड मेडिकल सर्विसेज की उच्च हिमालयी चिकित्सा सेवा रवाना
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

पूर्व मुख्य सचिव का बेटा निकला जालसाज
उत्तराखंड July 17, 2026
सख्त हुई दून पुलिस, 43 धार्मिक स्थलों से हटवाए तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर
उत्तराखंड July 17, 2026
लखवाड़ परियोजना को मिली रफ्तार, मुख्य सचिव ने 2031 तक निर्माण पूरा करने का दिया लक्ष्य
उत्तराखंड July 16, 2026
सिलक्यारा सुरंग में फिर हादसा, शॉटक्रीट लाइनिंग का हिस्सा गिरने से श्रमिक की मौत
उत्तराखंड July 16, 2026

Recent Posts

  • पूर्व मुख्य सचिव का बेटा निकला जालसाज
  • सख्त हुई दून पुलिस, 43 धार्मिक स्थलों से हटवाए तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर
  • लखवाड़ परियोजना को मिली रफ्तार, मुख्य सचिव ने 2031 तक निर्माण पूरा करने का दिया लक्ष्य
  • सिलक्यारा सुरंग में फिर हादसा, शॉटक्रीट लाइनिंग का हिस्सा गिरने से श्रमिक की मौत
  • उत्तराखंड में फिर होगी हिम तेंदुओं की वैज्ञानिक गणना, प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड फेज-2 को मिली मंजूरी

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,318)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,178)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,666)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,626)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,431)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?