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उत्तराखंड में फिर होगी हिम तेंदुओं की वैज्ञानिक गणना, प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड फेज-2 को मिली मंजूरी

Web Editor
Last updated: 2026/07/16 at 4:17 PM
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Dehradun, 16 july 2026। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले दुर्लभ हिम तेंदुओं (स्नो लेपर्ड) की दूसरी चरण की वैज्ञानिक गणना जल्द शुरू होगी। केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड फेज-2 को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत उत्तराखंड समेत देश के सभी हिम तेंदुआ आवास वाले राज्यों में इनकी ताजा आबादी का आकलन किया जाएगा। साथ ही इनके प्राकृतिक आवास, शिकार प्रजातियों और आवाजाही के मार्गों का अध्ययन कर संरक्षण की नई रणनीति तैयार की जाएगी।
राष्ट्रीय प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैंपा) की शासी निकाय की सातवीं बैठक में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में इस परियोजना को स्वीकृति मिली। गणना के दौरान कैमरा ट्रैप, डीएनए विश्लेषण, जीपीएस मैपिंग और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे हिम तेंदुओं की वास्तविक संख्या, उनके आवासीय क्षेत्र, माइग्रेशन कॉरिडोर और मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले संवेदनशील क्षेत्रों की सटीक पहचान हो सकेगी।
उत्तराखंड में हिम तेंदुए मुख्य रूप से नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान, गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान, गोविंद वन्यजीव विहार, अस्कोट मस्क डियर सेंचुरी तथा भारत-चीन सीमा से सटी नीति, माणा, दारमा, व्यास और जोहार घाटियों में पाए जाते हैं। दुर्गम और बर्फीले इलाकों में रहने के कारण इनकी निगरानी और गणना हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है।
परियोजना में स्थानीय समुदायों और वन पंचायतों की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। ग्रामीणों को संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने, मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और हिम तेंदुओं के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार हिम तेंदुआ हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमुख संकेतक प्राणी है और इसकी बेहतर स्थिति पूरे पर्वतीय जैव विविधता संरक्षण का संकेत मानी जाती है।

 

उत्तराखंड में 124 हिम तेंदुए
वर्ष 2023 में हुई देश की पहली वैज्ञानिक स्नो लेपर्ड गणना के अनुसार उत्तराखंड में 124 हिम तेंदुए दर्ज किए गए थे, जो लद्दाख (477) के बाद देश में दूसरी सबसे अधिक संख्या है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में 51, अरुणाचल प्रदेश में 36, सिक्किम में 21 और जम्मू-कश्मीर में नौ हिम तेंदुए दर्ज किए गए थे।
अन्य संरक्षण परियोजनाओं को भी मंजूरी
कैंपा की बैठक में गंगा डॉल्फिन, भारतीय गैंडा, जंगली जल भैंस और मणिपुर के दुर्लभ सांगाई हिरण के संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के माध्यम से देश में वन्यजीव संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा

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TAGGED: Scientific Population Count to Begin, Uttarakhand Snow Leopard Phase-2 Survey Approved
Web Editor July 16, 2026
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