By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: मौसम पूर्वानुमान को मिलेगी नई सटीकता
Share
Notification Show More
Latest News
सेब की लालिमा पर संकट के बादल
उत्तराखंड
राष्ट्रीय युवा दिवस पर दिया नशामुक्त समाज का संदेश 
उत्तराखंड
अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह वेब पोर्टलों से राजस्व सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन
उत्तराखंड
मौसम पूर्वानुमान को मिलेगी नई सटीकता
उत्तराखंड
उत्तराखंड में इस साल होगी गुलदार की वैज्ञानिक गणना
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > मौसम पूर्वानुमान को मिलेगी नई सटीकता
उत्तराखंड

मौसम पूर्वानुमान को मिलेगी नई सटीकता

Web Editor
Last updated: 2026/01/11 at 2:44 AM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

ARIES Research Improves Weather Forecast Accuracy and Pollution Control
देहरादून, 11 जनवरी 2026: अब मौसम की भविष्यवाणी पहले से कहीं अधिक सटीक और भरोसेमंद हो सकेगी। नैनीताल स्थित आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जर्वेशनल साइंसेज (एरीज) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए शोध से यह संभावना मजबूत हुई है। इस अध्ययन में वायुमंडल में मौजूद एरोसोल और जल वाष्प की भूमिका को गहराई से समझाया गया है और बताया गया है कि दोनों की आपसी क्रिया मौसम और जलवायु को किस तरह प्रभावित करती है।
एरीज के नेतृत्व में हुए इस शोध को प्रतिष्ठित एटमॉस्फेरिक रिसर्च जर्नल में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन में भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आईआईए), ग्रीस के पश्चिमी मैसेडोनिया विश्वविद्यालय और जापान के सोका विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने भी सहयोग किया। यह शोध न केवल मौसम विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु नीति निर्माण के लिए भी मील का पत्थर साबित हो सकता है।
शोध में सामने आया है कि एरोसोल और जल वाष्प मिलकर पृथ्वी के विकिरण संतुलन, तापमान और मानसून जैसी प्रमुख मौसमी प्रणालियों को नियंत्रित करते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, वायुमंडल को गर्म करने में जल वाष्प की भूमिका एरोसोल की तुलना में अधिक प्रभावी होती है, लेकिन दोनों के संयुक्त प्रभाव से ही मौसम की दिशा और तीव्रता तय होती है।
एरीज के वैज्ञानिक डॉ. उमेश चंद्र दुमका का कहना है कि यदि मौसम और जलवायु मॉडल में एरोसोल और जल वाष्प दोनों को सही तरीके से शामिल किया जाए, तो भविष्यवाणी की सटीकता में बड़ा सुधार संभव है। वहीं आईआईए के वैज्ञानिक डॉ. शांतिकुमार एस. निंगोमबम ने बताया कि यह अध्ययन इंडो–गंगा मैदान में मानसून, हीटवेव और प्रदूषण के प्रभावों को समझने में बेहद उपयोगी सिद्ध होगा।
इस शोध के परिणाम किसानों, शहरी योजनाकारों और नीति निर्माताओं के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इससे बारिश, हीटवेव, गर्मी और मानसून की समय पर और सटीक जानकारी मिल सकेगी, जिससे किसान अपनी फसलों की बेहतर योजना बना सकेंगे। वहीं शहरों को प्रदूषण और बढ़ती गर्मी से निपटने में मदद मिलेगी और सरकार को प्रदूषण नियंत्रण के लिए अधिक प्रभावी नीतियां तैयार करने का आधार मिलेगा।
क्या है एरोसोल
एरोसोल हवा में मौजूद अत्यंत सूक्ष्म कण होते हैं। इनमें धूल, धुआं, वाहनों और उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण कण, समुद्री नमक और परागकण शामिल होते हैं। ये सूर्य की किरणों को सोखते या बिखेरते हैं, जिससे तापमान, बादल बनने की प्रक्रिया और वर्षा प्रभावित होती है।
इंडो–गंगा मैदान पर केंद्रित रहा शोध
यह अध्ययन मुख्य रूप से इंडो–गंगा मैदान क्षेत्र पर आधारित रहा, जो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है। यह देश का सबसे घनी आबादी वाला इलाका है, जहां खेती, उद्योग, यातायात और शहरी गतिविधियों के कारण वायु में एरोसोल की मात्रा अत्यधिक पाई जाती है। इसी कारण इसे दुनिया के सबसे अधिक एरोसोल-प्रभावित क्षेत्रों में गिना जाता है।

You Might Also Like

सेब की लालिमा पर संकट के बादल

राष्ट्रीय युवा दिवस पर दिया नशामुक्त समाज का संदेश 

अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह वेब पोर्टलों से राजस्व सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन

उत्तराखंड में इस साल होगी गुलदार की वैज्ञानिक गणना

पर्यावरण के साथ रोज़गार की बहार 

TAGGED: ARIES scientists’ research on aerosols and water vapor reveals how weather forecasting can become more accurate and pollution control policies more effective.
Web Editor January 11, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article उत्तराखंड में इस साल होगी गुलदार की वैज्ञानिक गणना
Next Article अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह वेब पोर्टलों से राजस्व सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

सेब की लालिमा पर संकट के बादल
उत्तराखंड January 13, 2026
राष्ट्रीय युवा दिवस पर दिया नशामुक्त समाज का संदेश 
उत्तराखंड January 12, 2026
अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह वेब पोर्टलों से राजस्व सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन
उत्तराखंड January 11, 2026
मौसम पूर्वानुमान को मिलेगी नई सटीकता
उत्तराखंड January 11, 2026

Recent Posts

  • सेब की लालिमा पर संकट के बादल
  • राष्ट्रीय युवा दिवस पर दिया नशामुक्त समाज का संदेश 
  • अब घर बैठे मिलेगी सत्यापित खतौनी, छह वेब पोर्टलों से राजस्व सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन
  • मौसम पूर्वानुमान को मिलेगी नई सटीकता
  • उत्तराखंड में इस साल होगी गुलदार की वैज्ञानिक गणना

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (5,925)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (5,849)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,349)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,206)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,139)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?