Mussoorie–Chakrata Traffic Jam During Snowfall | Tourists Stuck in Long Queues
मसूरी/चकराता, 26 जनवरी 2026। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी ने जहां पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया, वहीं बढ़ती भीड़ के कारण मसूरी और चकराता क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। शनिवार सुबह से ही मसूरी शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। मसूरी–धनोल्टी मार्ग, किंग क्रेग, गांधी चौक, जीरो प्वाइंट, मोतीलाल नेहरू मार्ग, वेवरली चौक, घंटाघर, लाल टिब्बा और चार दुकान क्षेत्र में वाहन रेंगते नजर आए। हजारों की संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन पहुंचने से कई स्थानों पर हालात पूरी तरह जाम जैसे हो गए।
हालांकि ट्रैफिक जाम के बावजूद पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ। घंटों फंसे रहने के बाद भी लोग बर्फ के दीदार को लेकर उत्साहित दिखे और परेशानियों को दरकिनार करते रहे। हर मोड़ पर गाड़ियां रुकती रहीं और सैलानी बर्फ से ढकी पहाड़ियों और वादियों की तस्वीरें व वीडियो बनाते नजर आए। कई जगह वाहन चालकों को सड़क किनारे खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
उधर, चकराता क्षेत्र में हालात और ज्यादा गंभीर रहे। कालसी–चकराता मोटर मार्ग पर बरौरी मंदिर से लेकर चकराता बस स्टैंड तक लगभग सात किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। संकरी पहाड़ी सड़कों के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम से परेशान कई पर्यटकों ने अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर पैदल ही बर्फ का आनंद लेना शुरू कर दिया, जिससे स्थिति और अधिक जटिल हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस, टीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और यातायात को चरणबद्ध तरीके से सुचारु कराने में जुट गईं।
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही प्रयोग करें और सड़क किनारे वाहन खड़े न करें। कुल मिलाकर, बर्फबारी ने जहां पहाड़ों में सैलानियों की रौनक बढ़ा दी, वहीं यातायात जाम मसूरी और चकराता में प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया।
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मसूरी–धनोल्टी–कनाताल में होटल फुल, बढ़ी भीड़ बनी जाम की वजह
मसूरी, धनोल्टी और कनाताल में पर्यटकों की रिकॉर्ड भीड़ के चलते इस बार जाम की समस्या और गंभीर हो गई है। इन तीनों पर्यटन स्थलों को मिलाकर करीब 500 से अधिक होटल और होमस्टे हैं, जो लगभग पूरी तरह भरे हुए हैं। होटल संचालकों के अनुसार, अधिकांश बुकिंग पहले से फुल थीं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में सैलानी बिना आरक्षण के ही पहुंच रहे हैं। इससे अचानक वाहनों की संख्या बढ़ गई और यातायात पर भारी दबाव पड़ा। जाम में फंसे कई पर्यटक कमरा मिलने की चिंता के बावजूद बर्फबारी का आनंद लेते नजर आए।
