Eco-Tourism Boost in Uttarakhand with Mountain & Bird Watching Trails | Union Budget
देहरादून, 2 February 2026। केंद्रीय बजट में पर्यटन क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने माउंटेन ट्रेल और बर्ड वॉचिंग ट्रेल के सुनियोजित विकास की घोषणा करते हुए इको-टूरिज्म को नई गति देने का संकेत दिया है। इस पहल से उत्तराखंड को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि राज्य की भौगोलिक बनावट, समृद्ध जैव विविधता और ट्रेकिंग की परंपरा इसे प्रकृति-आधारित पर्यटन के लिए आदर्श बनाती है।
बजट में पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में ट्रेकिंग, हाइकिंग और नेचर-आधारित पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इन्हें सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्व-स्तरीय अनुभव में बदलने के लिए माउंटेन ट्रेल्स का विकास किया जाएगा। साथ ही, बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स के माध्यम से पक्षी-अवलोकन को एक संगठित पर्यटन गतिविधि के रूप में स्थापित किया जाएगा।
उत्तराखंड के संदर्भ में यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में 100 से अधिक प्रमुख माउंटेन ट्रेल मौजूद हैं। इनमें से कई ट्रेल्स अभी तक सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाए हैं। बजट की इस पहल से इन ट्रेल्स पर आधारभूत ढांचे का विकास, संकेतक बोर्ड, सुरक्षा प्रबंधन, स्थानीय गाइडों का प्रशिक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति मिलने की संभावना है।
बर्ड वॉचिंग ट्रेल्स राज्य के इको-टूरिज्म को एक नया आयाम दे सकते हैं। उत्तराखंड के वन क्षेत्रों, झीलों और ऊंचाई वाले इलाकों में बड़ी संख्या में स्थानीय और प्रवासी पक्षी पाए जाते हैं। संगठित ट्रेल्स बनने से शोधकर्ताओं, प्रकृति प्रेमियों और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रदेश के पर्यटन सचिव धीराज गब्र्याल ने कहा कि बजट में किए गए प्रावधानों से माउंटेन ट्रेल्स को नए सिरे से विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे इको-टूरिज्म को मजबूती मिलेगी और आने वाले समय में पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की नई संभावनाएं खुलेंगी।
बाक्स: प्रदेश के प्रमुख नेचर ट्रेल
केदारकांठा, हर की दून, रूपकुंड, पिंडारी ग्लेशियर, फूलों की घाटी, नाग टिब्बा, देवरिया ताल, फूलचट्टी–नीलकंठ ट्रेल और मुनस्यारी–खलिया टॉप उत्तराखंड के प्रमुख नेचर ट्रेल हैं, जो ट्रेकिंग और जैव विविधता अवलोकन के लिहाज से खास महत्व रखते हैं।




