By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: अब सडकों पर बनेंगे ‘मधुमक्खी गलियारे’
Share
Notification Show More
Latest News
कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार
उत्तराखंड
प्रकृति से संस्कृति के सफ़र पर देवभूमि का मीडिया दल, छत्तीसगढ़ में देखेंगे विकास की तस्वीर
उत्तराखंड
अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, ओम पर्वत से कॉर्बेट तक सजेगा उत्तराखंड अतिथि गृह
उत्तराखंड
स्क्रीन पर खुल रही ज्ञान की नई दुनिया, ढुंगीधार के 114 बच्चों की पढ़ाई हुई स्मार्ट
उत्तराखंड
युवा तय करेंगे देश और उत्तराखंड के भविष्य की दिशा : धामी
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > अब सडकों पर बनेंगे ‘मधुमक्खी गलियारे’
उत्तराखंड

अब सडकों पर बनेंगे ‘मधुमक्खी गलियारे’

Web Editor
Last updated: 2026/02/19 at 1:55 AM
Web Editor
Share
2 Min Read
SHARE

NHAI to Develop Bee Corridors Along National Highways in India

देहरादून, 19 February 2026 । पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देश के राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे ‘मधुमक्खी गलियारे’ विकसित करने की योजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य सड़कों को केवल आवागमन का माध्यम न रखकर उन्हें हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
अब तक राजमार्गों के किनारे मुख्य रूप से सजावटी पौधों का रोपण किया जाता था, लेकिन नई योजना के तहत ऐसे देशी पेड़-पौधे लगाए जाएंगे, जिनसे मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले जीवों को वर्षभर भोजन मिल सके। इन गलियारों में फूलदार पेड़, झाड़ियाँ, औषधीय पौधे और घास शामिल की जाएंगी, जिससे निरंतर मकरंद और पराग उपलब्ध हो सके। इससे न केवल मधुमक्खियों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि खेती और बागवानी को भी सीधा लाभ मिलेगा।
योजना के तहत नीम, करंज, महुआ, पलाश, बॉटल ब्रश और जामुन जैसे पेड़ों को प्राथमिकता दी जाएगी। ये पेड़ स्थानीय जलवायु के अनुकूल हैं और अलग-अलग मौसम में फूल देते हैं, जिससे सालभर हरियाली और पुष्प उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा मधुमक्खियों के रहने के लिए मृत लकड़ी और खोखले तनों को भी सुरक्षित रखा जाएगा।
एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर्यावरण संरक्षण का सशक्त माध्यम बन सकते हैं। ‘मधुमक्खी गलियारा’ पहल के जरिए विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय ऐसे राजमार्ग खंडों की पहचान करेंगे, जहां हर 500 मीटर से एक किलोमीटर की दूरी पर फूलों वाले पेड़ों के समूह लगाए जा सकें।

एक वर्ष में 40 लाख पौधों का लक्ष्य
वर्ष 2026-27 के दौरान एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे लगभग 40 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। इनमें से करीब 60 प्रतिशत पौधे ‘मधुमक्खी गलियारा’ योजना के अंतर्गत रोपे जाएंगे। यह पहल देश में हरित राजमार्गों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।

You Might Also Like

कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार

प्रकृति से संस्कृति के सफ़र पर देवभूमि का मीडिया दल, छत्तीसगढ़ में देखेंगे विकास की तस्वीर

अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, ओम पर्वत से कॉर्बेट तक सजेगा उत्तराखंड अतिथि गृह

स्क्रीन पर खुल रही ज्ञान की नई दुनिया, ढुंगीधार के 114 बच्चों की पढ़ाई हुई स्मार्ट

युवा तय करेंगे देश और उत्तराखंड के भविष्य की दिशा : धामी

TAGGED: aiming to promote biodiversity, and plant 40 lakh trees in 2026-27., NHAI has announced the development of India’s first bee corridors along national highways, support pollinators
Web Editor February 19, 2026
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में उत्तराखंड की पहली रोबोटिक पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला का शुभारंभ
Next Article पर्यटन ग्राम गंगी में पंहुचते ही गूंगे हुए मोबाइल 
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार
उत्तराखंड September 15, 2026
प्रकृति से संस्कृति के सफ़र पर देवभूमि का मीडिया दल, छत्तीसगढ़ में देखेंगे विकास की तस्वीर
उत्तराखंड September 14, 2026
अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, ओम पर्वत से कॉर्बेट तक सजेगा उत्तराखंड अतिथि गृह
उत्तराखंड September 13, 2026
स्क्रीन पर खुल रही ज्ञान की नई दुनिया, ढुंगीधार के 114 बच्चों की पढ़ाई हुई स्मार्ट
उत्तराखंड September 13, 2026

Recent Posts

  • कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार
  • प्रकृति से संस्कृति के सफ़र पर देवभूमि का मीडिया दल, छत्तीसगढ़ में देखेंगे विकास की तस्वीर
  • अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, ओम पर्वत से कॉर्बेट तक सजेगा उत्तराखंड अतिथि गृह
  • स्क्रीन पर खुल रही ज्ञान की नई दुनिया, ढुंगीधार के 114 बच्चों की पढ़ाई हुई स्मार्ट
  • युवा तय करेंगे देश और उत्तराखंड के भविष्य की दिशा : धामी

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,442)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (7,334)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (5,889)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (5,746)
  • हिमनद झीलों पर नजर, एक-दो मिनट में मिलेगा खतरे का अलर्ट (5,726)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?