Dubai Airport Partially Reopens; Tourists and Workers Leaving via Oman Border Amid Iran–Israel Tensions
देहरादून, 04 2026 । पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आंशिक रूप से खोल दिया गया है। सीमित उड़ानों के संचालन से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। इस बीच फंसे पर्यटकों और कामगारों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ओमान ने अपना बॉर्डर खोल दिया है, जिसके बाद कई लोग सड़क मार्ग से ओमान की ओर रुख कर रहे हैं।
पौड़ी गढ़वाल के रिखणीखाल क्षेत्र के निवासी केसर सिंह नेगी, जो दुबई के एक होटल में कार्यरत हैं, ने बताया कि उनके होटल में ठहरे कई विदेशी और भारतीय पर्यटक ओमान बॉर्डर की ओर निकल चुके हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए पर्यटक जोखिम नहीं लेना चाहते और सुरक्षित विकल्प के रूप में ओमान का रास्ता चुन रहे हैं। होटल प्रबंधन और स्टाफ भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और मेहमानों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर उत्तराखंड के हजारों परिवारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दुबई, कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब जैसे देशों में बड़ी संख्या में उत्तराखंड के लोग काम करते हैं। ऐसे में प्रदेश के गांवों और शहरों में उनके परिजन लगातार फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर अपने अपनों की कुशलक्षेम जानने की कोशिश कर रहे हैं। कई परिवारों की निगाहें दिन-रात मोबाइल फोन पर टिकी हुई हैं।
अल्मोड़ा जिले के मयोली गांव निवासी रमेश जोशी ने दुबई से अपने परिवार को सुरक्षित होने का संदेश भेजा है, जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। वहीं कुवैत में रह रही रानीखेत की गीतिका बवाड़ी पपनै ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि वहां भारतीय नागरिक फिलहाल सुरक्षित हैं। हालांकि एहतियात के तौर पर सायरन बजाए जा रहे हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दुबई में भी एहतियातन हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और कंपनियों ने कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है। इसके साथ ही समुद्री और हवाई मार्गों पर भी आंशिक पाबंदियां लागू हैं।
हालांकि दुबई एयरपोर्ट के आंशिक रूप से खुलने से लोगों में उम्मीद जगी है, लेकिन क्षेत्र में तनाव के कारण अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। उत्तराखंड के हजारों परिवार अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और हर फोन कॉल या संदेश उनके लिए राहत लेकर आ रहा है।




