नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सीएम धामी का विपक्ष पर निशाना
देहरादून, 20 April 2026 । उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश कार्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह अधिनियम देश की आधी आबादी के अधिकारों, सम्मान और सशक्तिकरण से जुड़ा ऐतिहासिक अवसर था, जिसे विपक्षी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते कमजोर करने का प्रयास किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय-निर्माण में समान भागीदारी देने की दिशा में यह एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके जैसे दलों ने इस पहल को सफल नहीं होने दिया, जो उनके महिला विरोधी दृष्टिकोण को दर्शाता है।
सीएम धामी ने कहा कि जब-जब महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाए गए, तब-तब विपक्ष ने किसी न किसी बहाने से उन्हें रोकने या कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में भी विपक्ष ने भ्रामक तर्कों और राजनीतिक गणित के जरिए अड़चनें पैदा कीं।
उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाया गया भ्रम पूरी तरह निराधार है। इस संदर्भ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परिसीमन से किसी भी राज्य या क्षेत्र के प्रतिनिधित्व पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि यह संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश की मातृशक्ति जागरूक और सक्षम है तथा अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब हर क्षेत्र—राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल और उद्यमिता—में अपनी भागीदारी निभा रही हैं। ऐसे में उन्हें निर्णय-निर्माण की मुख्यधारा से दूर रखना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश की महिलाएं उन दलों को करारा जवाब देंगी, जो उनके अधिकारों में बाधा बन रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर सहित पार्टी की वरिष्ठ महिला पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों के प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।




