Two Sahitya Gram to be Developed in Uttarakhand, Dhami Announces
देहरादून, 30 March 2026। देहरादून में आयोजित उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने राज्य में साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से दो आधुनिक “साहित्य ग्राम” स्थापित करने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और साहित्यकार केवल रचनाकार ही नहीं, बल्कि समाज के मार्गदर्शक भी होते हैं। उन्होंने बताया कि इन प्रस्तावित साहित्य ग्रामों में लेखकों, शोधार्थियों और साहित्य प्रेमियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे साहित्य सृजन को नई दिशा मिलेगी और राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी।
समारोह में प्रदेश के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान “उत्तराखंड साहित्य भूषण” से डॉ. जितेन ठाकुर को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने उन्हें हिंदी साहित्य जगत का प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनकी रचनाएं समाज को जागरूक करने और सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा कई वरिष्ठ साहित्यकारों को “दीर्घकालीन उत्कृष्ट साहित्य सृजन पुरस्कार” सहित अन्य श्रेणियों में भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार स्थानीय भाषाओं और लोक साहित्य के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। युवाओं को लेखन से जोड़ने के लिए डिजिटल मंचों, साहित्यिक प्रतियोगिताओं और नवाचार आधारित योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी साहित्य की ओर आकर्षित हो सके।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भूमि सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सृजन की धरा रही है। Sumitranandan Pant, Gaura Pant Shivani और Shailesh Matiyani जैसे महान साहित्यकारों ने इस प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत को नया सम्मान मिल रहा है, जिससे प्रेरित होकर राज्य सरकार भी साहित्यिक धरोहर के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में लगातार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, खजान दास, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, लेखक, विद्वान और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। समारोह में विभिन्न श्रेणियों के तहत कई रचनाकारों को सम्मानित कर उनकी साहित्यिक सेवाओं को सराहा गया।




