Census 2027: Housing, Flooring, Walls & Food Habits Survey Begins in Uttarakhand
देहरादून, 10 April 2026। उत्तराखंड में जनगणना 2027 के तहत भवनों की गणना प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है, जो 24 मई तक चलेगी। इस बार की जनगणना केवल आबादी गिनने तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों की जीवनशैली, रहन-सहन और सामाजिक-आर्थिक स्थिति को समझने पर केंद्रित है।
इस चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनके जरिए घरों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। फर्श, दीवार और छत की सामग्री—मिट्टी, पत्थर, सीमेंट या टाइल्स—से जुड़े सवालों के माध्यम से यह आकलन किया जाएगा कि कितने घर कच्चे हैं और कितने पक्के, तथा किन क्षेत्रों में बेहतर आवास की आवश्यकता है।
ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में जहां पारंपरिक निर्माण सामग्री का उपयोग आज भी आम है, वहीं शहरों में आधुनिक तकनीकों का तेजी से विस्तार हुआ है। यह अंतर विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत देगा।
इसके अलावा, घरों में उपलब्ध सुविधाओं—टीवी, मोबाइल, लैपटॉप, रेडियो—और वाहनों जैसे साइकिल, स्कूटी, मोटरसाइकिल व कार की जानकारी भी जुटाई जाएगी, जिससे जीवन स्तर का आकलन हो सके।
खानपान की आदतों को भी इस बार शामिल किया गया है। परिवार किस प्रकार के अनाज—गेहूं, चावल, मक्का या मंडुवा-झंगोरा—का उपयोग करता है, यह जानकारी खाद्य सुरक्षा और पोषण योजनाओं के लिए अहम होगी।
इस तरह जनगणना 2027 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि बदलते भारत की एक व्यापक झलक पेश करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।




