Gopeswar,03 June 2026। हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच बसी नीति घाटी में रविवार को सिर्फ एक दौड़ नहीं हुई, बल्कि हौसले, जज्बे और आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल लिखी गई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। कठिन पहाड़ी रास्तों, कम ऑक्सीजन और चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच जब 25 वर्षीय अनुराग रावत फिनिश लाइन की ओर बढ़ रहे थे, तो हर कदम यह संदेश दे रहा था कि इंसान की असली ताकत उसके शरीर में नहीं, बल्कि उसके इरादों में होती है।
सेरेब्रल पाल्सी जैसी शारीरिक चुनौती से जूझ रहे अनुराग रावत ने सीमांत नीति घाटी में आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ में 10 किलोमीटर की कठिन दौड़ पूरी कर सभी को प्रेरित कर दिया। पौड़ी गढ़वाल के मूल निवासी और वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग ने करीब एक घंटा 45 मिनट में यह चुनौती पूरी की। फिनिश लाइन पार करते ही घाटी तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी और हर आंख में उनके संघर्ष के प्रति सम्मान दिखाई दिया।
31 मई से 2 जून तक आयोजित हो रहे ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ में देशभर से आए प्रतिभागी अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अनुराग की कहानी सबसे अलग बनकर उभरी। जहां सामान्य व्यक्ति भी ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में सांस लेने और दौड़ने में कठिनाई महसूस करता है, वहीं अनुराग ने अपने अटूट आत्मविश्वास के दम पर हर चुनौती को पीछे छोड़ दिया।
नीति घाटी की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं हैं। ऊंचे पहाड़, पथरीले रास्ते और सीमित ऑक्सीजन धावकों की क्षमता को परखते हैं। ऐसे माहौल में अनुराग का हर कदम संघर्ष, साहस और उम्मीद का प्रतीक बन गया। दौड़ के दौरान कई बार थकान और कठिनाइयों ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मंजिल तक पहुंचकर दिखाया।
अनुराग बताते हैं कि उन्होंने पहले भी कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और हमेशा खुद को चुनौती देने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि जीवन की सबसे बड़ी बाधा शारीरिक कमजोरी नहीं, बल्कि मन की हार होती है। उन्होंने कहा, “सीमाएं केवल हमारे दिमाग में होती हैं। यदि संकल्प मजबूत हो, तो इंसान अपने शरीर को किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है।”
‘Beyond Limits, Beyond the Canyon’ थीम पर आयोजित इस प्रतियोगिता में अनुराग ने इस संदेश को साकार कर दिखाया। उनकी उपलब्धि ने साबित कर दिया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की पहचान नहीं होती, बल्कि उसका साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास ही उसकी असली पहचान बनता है। नीति घाटी की वादियों में गूंजी यह कहानी केवल एक दौड़ की सफलता नहीं, बल्कि हजारों युवाओं और दिव्यांगजनों के लिए उम्मीद, प्रेरणा और आत्मविश्वास का संदेश है।
क्या है सेरेब्रल पाल्सी?
सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जो मस्तिष्क के उस हिस्से को प्रभावित करती है जो शरीर की गतिविधियों, संतुलन और मांसपेशियों के समन्वय को नियंत्रित करता है। यह समस्या आमतौर पर जन्म से पहले, जन्म के दौरान या शिशु अवस्था में मस्तिष्क को हुई क्षति के कारण होती है। इससे व्यक्ति के चलने, बोलने, बैठने या हाथ-पैरों के संचालन में कठिनाई हो सकती है।




