Dehradun, 05 july 2026। उत्तराखंड से टनकपुर मार्ग के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ रविवार को श्रद्धा और उत्साह के माहौल में हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सभी यात्रियों को रुद्राक्ष की माला व भगवान शिव का पटका भेंट कर सफल, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है तथा प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार और धार्मिक स्थलों के विकास से भारत की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान धैर्य, अनुशासन और शिव में अटूट विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम में छोलिया नृत्य की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही, जबकि पुलिस ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
धामी ने कहा कि यह यात्रा सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। चम्पावत सहित आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय रोजगार को इससे नई गति मिल रही है। उन्होंने यात्रियों से स्थानीय उत्पादों की खरीद कर सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की अपील की।
इससे पहले शनिवार शाम टनकपुर पहुंचे पहले दल का पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं और पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ भव्य स्वागत किया गया। सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड की लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां भी हुईं। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे अनिल कुमार जैन ने राज्य सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री के प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष टनकपुर मार्ग से यात्रा संचालित हो रही है।
49 श्रद्धालुओं का पहला दल
पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि पहले दल में चिकित्सक सहित 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालु शामिल हैं। डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में दल के साथ हैं। पुरुषोत्तम खंडेलवाल (68 वर्ष) सबसे वरिष्ठ और हरिकृष्णा (21 वर्ष) सबसे युवा यात्री हैं।




