Dehradun, 02 July 2026। उत्तराखंड सरकार प्रदेश की खेल व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि राज्य की नई खेल नीति केंद्र की राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के अनुरूप तैयार की जाए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, आधुनिक खेल अवसंरचना और पारदर्शी अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को तय समयसीमा के भीतर आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जाए।
गुरुवार को सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी सेवा में चयनित अधिकतम खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्त किया जाए। इससे उनके अनुभव का लाभ प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के दौरान मिल सकेगा। बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान विकसित खेल परिसरों और अन्य खेल अवसंरचना के प्रभावी रखरखाव के लिए अलग कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून, गोलापार, रुद्रपुर, टिहरी, हरिद्वार और पिथौरागढ़ स्थित खेल परिसरों का अधिकतम उपयोग खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने वर्ष 2027 में प्रस्तावित 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां अभी से शुरू करने, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने तथा खेल संघों के सहयोग से चयन प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने “एक जिला-एक खेल” योजना को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए प्रत्येक जिला खेल छात्रावास को संबंधित खेल की नर्सरी के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
अगले माह से शुरू होगा खेल विश्वविद्यालय का पहला शैक्षणिक सत्र
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गोलापार (हल्द्वानी) स्थित उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में अगले माह से शैक्षणिक सत्र शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया, कोच, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति में तेजी लाने को कहा। विश्वविद्यालय में सभागार, केंद्रीय पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र, अनुसंधान केंद्र, शूटिंग रेंज, बैडमिंटन हॉल, फुटबॉल एवं हॉकी मैदान तथा आठ लेन एथलेटिक्स ट्रैक सहित 39 आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
48 मिनी स्टेडियम तैयार, 10 पर काम जारी
बैठक में बताया गया कि “एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम” योजना के तहत प्रदेश में अब तक 48 मिनी स्टेडियम तैयार हो चुके हैं, जबकि 10 अन्य का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा देश के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज, लोहाघाट के निर्माण और प्रवेश प्रक्रिया में भी तेजी लाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि देश की अग्रणी खेलभूमि के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए खेल नीति, खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के कल्याण से जुड़े सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के अनुरूप बनेगी उत्तराखंड की नई खेल नीति
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