Dehradun, 25 july 2026 । बदलते दौर में रिटायरमेंट अब करियर का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का अवसर बनता जा रहा है। अनुभव और कौशल से भरपूर वरिष्ठ नागरिकों को दोबारा रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार का नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल अहम माध्यम बनकर उभरा है। इस पोर्टल पर वर्तमान में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए 1.68 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। अब तक 1.89 लाख वरिष्ठ नागरिक इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि सरकार “एक्टिव एजिंग” की अवधारणा को बढ़ावा दे रही है, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद भी इच्छुक वरिष्ठ नागरिक अपनी योग्यता और अनुभव के अनुरूप रोजगार प्राप्त कर सकें। इसके लिए राज्यों के सहयोग से देशभर में 407 मॉडल करियर सेंटर (एमसीसी) संचालित किए जा रहे हैं। ये केंद्र रोजगार मेले, करियर परामर्श, कौशल विकास और एनसीएस पोर्टल के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने में सहायता कर रहे हैं।
वर्ष 2015 में शुरू हुए एनसीएस पोर्टल पर अब तक 6.46 करोड़ से अधिक नौकरी तलाशने वाले और 58.76 लाख नियोक्ता पंजीकृत हो चुके हैं। पोर्टल के माध्यम से 2.29 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों को विभिन्न संस्थानों और कंपनियों ने शॉर्टलिस्ट भी किया है।
उत्तराखंड के संदर्भ में यह पहल और भी महत्वपूर्ण है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के करीब आठ लाख वरिष्ठ नागरिक हैं, जो कुल आबादी का लगभग 8.8 प्रतिशत हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो सेवानिवृत्ति के बाद भी काम करने की इच्छा और क्षमता रखते हैं।
एनसीएस पोर्टल पर पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है। वरिष्ठ नागरिक अपनी प्रोफाइल बनाकर योग्यता और अनुभव के अनुरूप नौकरियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी मॉडल करियर सेंटर से भी पंजीकरण और रोजगार संबंधी मार्गदर्शन लिया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती आबादी को देखते हुए ऐसे रोजगार मंच न केवल उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाएंगे, बल्कि उनके अनुभव का लाभ समाज और उद्योगों को भी मिलेगा।




