Dehradun, 21 july 2026। राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोजाना सफर करने वाले स्थानीय वाहन चालकों के लिए अब टोल पास बनवाना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप पर डिजिटल लोकल पास और ‘मार्गमित्र’ हेल्प सेंटर की शुरुआत की है। नई व्यवस्था के तहत अब लोगों को लोकल पास बनवाने के लिए टोल प्लाजा जाकर दस्तावेज जमा कराने या सत्यापन कराने की जरूरत नहीं होगी।
एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने बताया कि यात्री अब अपने मोबाइल से ही कुछ मिनटों में डिजिटल लोकल पास खरीद सकेंगे। फिलहाल यह सुविधा दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा से शुरू की गई है और जल्द ही इसे देशभर के अन्य टोल प्लाजाओं पर लागू किया जाएगा।
यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभदायक होगी, जो किसी टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं और नियमित रूप से उसी मार्ग का उपयोग करते हैं। अब डिजिलॉकर, वाहन पोर्टल और जीआईएस आधारित सत्यापन के जरिए पात्रता स्वतः जांची जाएगी। पास जारी होने के बाद संबंधित टोल प्लाजा से पूरे महीने असीमित आवाजाही की जा सकेगी।
एनएचएआई ने यात्रियों की सहायता के लिए ‘मार्गमित्र’ हेल्प सेंटर भी शुरू किया है। इस डिजिटल सुविधा में उपयोगकर्ता 22 भारतीय भाषाओं में अपनी समस्या लिख या बोल सकते हैं। यहां फास्टैग रिचार्ज, केवाईसी, रिफंड, लोकल पास, एनुअल पास सहित अन्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी और शिकायतों का समाधान मिलेगा। यात्री शिकायत की रियल टाइम स्थिति भी देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर अपील भी कर सकेंगे।
इसके अलावा ऐप पर फास्टैग ब्लैकलिस्ट की जानकारी, लंबित ई-नोटिस देखने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा संबंधी समस्याओं की शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। एनएचएआई के अनुसार, राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से अब तक 80 लाख से अधिक एनुअल पास रियल टाइम एक्टिवेशन के साथ जारी किए जा चुके हैं। नई डिजिटल सेवाओं से यात्रियों का समय बचेगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर अधिक स्मार्ट, तेज और सुविधाजनक बनेगा।
अब टोल प्लाजा नहीं जाना पड़ेगा, मोबाइल ऐप पर घर बैठे बनेगा डिजिटल लोकल पास
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