धामी कैबिनेट की मंजूरी से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
Dehradun, 07 August 206। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए धामी कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस समेत 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस परियोजना पर उत्तर प्रदेश सरकार भी पहले ही सैद्धांतिक सहमति दे चुकी है।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए महानिदेशक (सूचना) बंशीधर तिवारी ने बताया कि एक्सप्रेस-वे के हरिद्वार तक विस्तार से उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम होगा। हरिद्वार और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक शहर बेहतर सड़क नेटवर्क से जुड़ेंगे, जिससे कांवड़ यात्रा, चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं और धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से पर्यटन के साथ व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।
गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेस-वे वर्तमान में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं में शामिल है। यह मेरठ के बिजौली गांव से प्रयागराज के जुदापुर दांदू गांव तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा है। इसे फिलहाल छह लेन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जबकि भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना है।
ईको टूरिज्म और जड़ी-बूटी संरक्षण को भी बढ़ावा
कैबिनेट ने प्रदेश में ईको टूरिज्म और वन क्षेत्रों में मिलने वाली औषधीय एवं सुगंधित पौधों के संरक्षण के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति में अब सचिव/अपर सचिव (वन) सदस्य सचिव होंगे, जबकि मुख्य वन संरक्षक (ईको टूरिज्म) और ईको टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को भी सदस्य बनाया गया है।
स्केलर भर्ती में लागू होगा नया परीक्षा पैटर्न
कैबिनेट ने उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली-2026 को भी मंजूरी दी। अब स्केलर पद की सीधी भर्ती यूकेएसएसएससी के परीक्षा पैटर्न के अनुरूप होगी। अभ्यर्थियों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा होगी, जिसमें 50 अंक सामान्य विज्ञान और 50 अंक सामान्य गणित के होंगे। सरकार का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और एकरूप बनेगी।




