Dehradun, 05 August 2026। विकासनगर के कल्याणपुर (परगना पछवादून) में एमडीडीए की महत्वाकांक्षी लैंड पूलिंग योजना अब तेजी से आगे बढ़ेगी। एमडीडीए बोर्ड ने इस योजना के पहले चरण के लिए तैयार की गई जमीन का भू-उपयोग (Land Use) बिना किसी शुल्क के बदलने के प्रस्ताव को नियमानुसार आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। आसान भाषा में समझें तो जिस जमीन पर पहले खेती या दूसरा उपयोग दर्ज था, अब उसे आवासीय और योजनाबद्ध शहरी विकास के लिए इस्तेमाल करने का रास्ता साफ हो गया है।
एमडीडीए की 114वीं बोर्ड बैठक में कुल 25 विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें होटल, पर्यटन परियोजनाएं, औद्योगिक भवन, रिटेल आउटलेट, प्रोफेशनल ऑफिस, आश्रम, हॉस्टल और रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाएं भी शामिल हैं। इन फैसलों से देहरादून और मसूरी क्षेत्र में निवेश बढ़ने और नए रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या है लैंड पूलिंग योजना?
लैंड पूलिंग योजना में किसान या जमीन मालिक अपनी जमीन एमडीडीए की योजना में शामिल करते हैं। इसके बाद सड़क, पार्क, सीवर, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाती हैं। विकास कार्य पूरा होने के बाद जमीन मालिकों को विकसित भूखंड वापस मिलते हैं, जिनकी कीमत पहले की तुलना में काफी बढ़ जाती है। सरकार को अलग से बड़ी मात्रा में जमीन अधिग्रहित भी नहीं करनी पड़ती।
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कल्याणपुर को क्या होगा फायदा?
कल्याणपुर में भू-उपयोग बदलने की मंजूरी मिलने के बाद अब यहां योजनाबद्ध तरीके से नई कॉलोनियां, सड़कें, पार्क और अन्य शहरी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। इससे विकासनगर क्षेत्र में अनियोजित निर्माण पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी और भविष्य की आबादी के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार होगा।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि बोर्ड के फैसले क्षेत्र के संतुलित और नियोजित विकास की दिशा में अहम कदम हैं। वहीं सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि सभी स्वीकृत प्रस्तावों पर नियमानुसार और समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
एमडीडीए का मानना है कि लैंड पूलिंग योजना और अन्य स्वीकृत परियोजनाओं के लागू होने से विकासनगर, देहरादून और मसूरी क्षेत्र में सुनियोजित शहरी विकास को नई रफ्तार मिलेगी, साथ ही निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।




