Dehradun, 01 September 2026। पहाड़ की रसोई में सिमटा पारंपरिक स्वाद अब कारोबार का जरिया बन रहा है। मंडुवे की रोटी, झंगोरे के व्यंजन और पहाड़ी दालों का जायका अगस्त्यमुनि में छह महिलाओं के सपनों को नई उड़ान दे रहा है। सुमतिसुधा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने वर्ष 2022 में ‘सरस रेस्टोरेंट’ की शुरुआत की थी। शुरुआत छोटे स्तर पर हुई, लेकिन मेहनत, आपसी सहयोग और स्थानीय उत्पादों को कारोबार से जोड़ने की सोच ने इसे धीरे-धीरे मजबूत बना दिया। आज रेस्टोरेंट का सालाना टर्नओवर करीब 12 से 13 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
‘सरस रेस्टोरेंट’ की पहचान उसके पहाड़ी स्वाद से बनी है। यहां आने वाले ग्राहकों को स्थानीय अनाज और पारंपरिक दालों से तैयार व्यंजन परोसे जाते हैं। मंडुवा, झंगोरा और पहाड़ी दालों को भोजन का हिस्सा बनाकर महिलाओं ने न सिर्फ लोगों को पहाड़ के पारंपरिक स्वाद से जोड़ा, बल्कि स्थानीय उत्पादों की मांग भी बढ़ाई है। इससे ग्रामीण किसानों और स्थानीय बाजार को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
रेस्टोरेंट की खास बात यह है कि इसकी पूरी व्यवस्था महिलाएं खुद संभालती हैं। रसोई में खाना तैयार करने से लेकर ग्राहकों को परोसने, साफ-सफाई और प्रबंधन तक की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। कारोबार बढ़ने के साथ महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब वे केवल घर की आय में सहयोग करने वाली नहीं, बल्कि अपने कारोबार से परिवार की आर्थिक मजबूती में सीधी भूमिका निभा रही हैं।
समूह की ताकत बनी कारोबार की नींव
महिलाओं को इस पहल में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से सहयोग और मार्गदर्शन मिला। स्वयं सहायता समूह की सामूहिक शक्ति और सरकारी सहयोग को महिलाओं ने अपने हुनर से जोड़ा और रोजगार का स्थायी माध्यम तैयार किया। समूह की संचालक पूनम पंवार के अनुसार, रेस्टोरेंट से होने वाली आमदनी से छह परिवारों को आर्थिक सहारा मिला है। साथ ही आसपास की महिलाओं को भी अपने स्तर पर काम शुरू करने की प्रेरणा मिल रही है।
‘सरस रेस्टोरेंट’ की कहानी यह बताती है कि पहाड़ की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े उद्योगों के साथ छोटे स्थानीय उद्यम भी महत्वपूर्ण हैं। स्थानीय अनाज और पारंपरिक खानपान को बाजार से जोड़कर इन महिलाओं ने स्वाद को कारोबार में बदला है। छह महिलाओं की यह पहल अब सिर्फ एक रेस्टोरेंट नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पाद, महिला स्वावलंबन और सामूहिक उद्यमिता का उदाहरण बनती जा रही है।
मंडुवे-झंगोरे के स्वाद से छह महिलाओं ने संवारे सपने
Leave a comment
Leave a comment




