मुख्यमंत्री ने किया कुंजापुरी मेले का उद्घाटन
Dehradun, 11 october 2026 I मंदिरों की आस्था से लेकर स्थानीय उत्पादों की बाजार तक पहुंच और युवाओं के रोजगार से लेकर पहाड़ों में रिवर्स पलायन तक, उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को आर्थिक गतिविधियों का आधार बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नरेंद्रनगर में मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का शुभारंभ करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास से उत्तराखंड को नई पहचान मिल रही है। सरकार का प्रयास है कि पर्यटन का लाभ केवल प्रमुख तीर्थस्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि आसपास के गांवों, व्यापारियों, महिलाओं और युवाओं तक भी पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने सामुदायिक मैदान में ध्वजारोहण कर नौ दिवसीय 50वें मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद मेले की झांकियों का अवलोकन किया तथा विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया।
पांच दशक से आस्था और संस्कृति का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1974 में शुरू हुआ कुंजापुरी मेला अपनी 50वीं वर्षगांठ के साथ पांच दशक की यात्रा पूरी कर चुका है। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ लोक संस्कृति, परंपराओं, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने का माध्यम बना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, बदरी-केदार क्षेत्र और मानसखंड मंदिरों के विकास जैसे प्रयासों से देश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल रही है। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या भी प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के विस्तार को दर्शाती है।
पर्यटन से गांवों तक पहुंचेगी कमाई
धामी ने कहा कि पर्यटन को स्थानीय आजीविका से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास योजना और होमस्टे जैसी पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटकों के ठहरने की सुविधाएं बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों के लिए कमाई के अवसर तैयार कर सकती हैं। एक जनपद-दो उत्पाद और हाउस ऑफ हिमालयाज के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन और फार्म मशीनरी बैंक जैसी योजनाओं से कृषि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है। सरकार धार्मिक पर्यटन के साथ ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित कर पहाड़ों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ाना चाहती है।
टिहरी झील के आसपास विकसित होंगे पर्यटन मार्ग
मुख्यमंत्री ने जिले में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय और सभागार निर्माण तथा गजा अस्पताल के उच्चीकरण से जुड़ी योजनाओं का भी उन्होंने जिक्र किया। इसके साथ करीब 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का उल्लेख किया।
धामी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। सरकार पारदर्शी व्यवस्था और विकास कार्यों के माध्यम से प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में काम कर रही है।
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बॉक्स: टिहरी झील में बन रही रिंग रोड
जिले में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय और सभागार निर्माण के साथ गजा अस्पताल के उच्चीकरण तथा करीब 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया। इन कार्यों से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन गतिविधियों को विस्तार मिलने की उम्मीद है।
बॉक्स: लोक संस्कृति की झलक बनी आकर्षण
मेले के उद्घाटन अवसर पर छोलिया नृत्य, महिषासुर मर्दिनी, नरसिंह अवतार, माखन होली और बदलता नरेंद्रनगर विषयों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। 11 से 19 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले मेले में खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से लोक संस्कृति को मंच दिया जाएगा। आयोजन में धार्मिक परंपराओं के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जा रहा है।
बॉक्स: लोक संस्कृति का संरक्षण जरूरी: सुबोध
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह पांगती की पहल पर वर्ष 1974 में शुरू हुआ कुंजापुरी मेला आज जनसहभागिता के कारण बड़े राज्यस्तरीय आयोजन का रूप ले चुका है। यह मेला उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ खेल एवं पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने नरेंद्रनगर में पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, विधि महाविद्यालय के लिए बजट और पदों के सृजन तथा सीवर लाइन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।




