भारत-यूएई के संयुक्त सैन्य अभ्यास माउंटेन गार्डियन में रणनीति पर फोकस
Ranikhet,11 october 2026। दुर्गम पहाड़ों में दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने से लेकर संदिग्ध हलचल का आकलन करने और सूचनाओं के आधार पर सैन्य रणनीति बनाने तक, आधुनिक युद्ध में निगरानी व्यवस्था की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। इसी दिशा में भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सैनिक चौबटिया में अपनी सामरिक क्षमताओं को धार दे रहे हैं। रानीखेत स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘माउंटेन गार्डियन-2026’ में दोनों देशों के जवान निगरानी ग्रिड तैयार करने, ड्रोन संचालन और पर्वतीय परिस्थितियों में प्रभावी सैन्य अभियान चलाने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। अभ्यास में भारत और यूएई के कुल 92 सैनिक समान संख्या में हिस्सा ले रहे हैं।
बॉक्स: दुर्गम इलाकों में निगरानी और सूचनाओं का आकलन
5 से 18 अक्टूबर तक आयोजित 14 दिवसीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना की भैरव बटालियन और यूएई की माउंटेन इन्फैंट्री बटालियन के जवान भाग ले रहे हैं। अभ्यास के आगामी चरणों में सैनिक निगरानी ग्रिड विकसित करने, ड्रोन संचालित करने और संयुक्त सैन्य योजनाएं तैयार करने का प्रशिक्षण लेंगे।
निगरानी ग्रिड एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए किसी निर्धारित क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर व्यवस्थित नजर रखी जाती है। इससे मिलने वाली सूचनाओं का विश्लेषण कर संभावित खतरों का आकलन करने और अभियान की योजना बनाने में मदद मिलती है। पहाड़ों में ऊंचाई, सीमित आवाजाही के रास्ते और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां निगरानी को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। ऐसे में आधुनिक तकनीक, सटीक सूचनाओं और सैनिकों के बीच बेहतर तालमेल का विशेष महत्व है।
बॉक्स: रस्सियों से उतरने से लेकर रात में फायरिंग तक अभ्यास
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी, देहरादून, लेफ्टिनेंट कर्नल चेतन सिंह कबसूड़ी के अनुसार, अभ्यास के शुरुआती चरण में दोनों देशों के सैनिकों ने शारीरिक प्रशिक्षण के साथ विभिन्न चुनौतीपूर्ण सैन्य गतिविधियों में भाग लिया। इनमें जिउ-जित्सु, रिफ्लेक्स शूटिंग, रॉक क्लाइंबिंग, रैपलिंग, फॉक्स-लाइन ट्रेनिंग और स्लिथरिंग जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। सैनिकों ने दिन और रात में फायरिंग का अभ्यास करने के साथ पर्वतीय युद्ध कौशल भी सीखा।
रैपलिंग में रस्सी के सहारे ऊंचाई से नीचे उतरने का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि स्लिथरिंग के दौरान हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे जमीन पर उतरने का अभ्यास किया जाता है। आगामी चरण में एकीकृत मैदानी अभ्यास के तहत सैनिक बाधाओं को पार करने और संयुक्त रूप से अभियान चलाने की अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।
बॉक्स: तकनीक और तालमेल से मजबूत होगा रक्षा सहयोग
‘माउंटेन गार्डियन-2026’ का प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, सामरिक दक्षता और संयुक्त अभियान संचालित करने की क्षमता को बढ़ाना है। अभ्यास के दौरान भारतीय और यूएई के सैनिक एक-दूसरे के अनुभवों, प्रशिक्षण पद्धतियों और सैन्य तौर-तरीकों को भी समझ रहे हैं।
चौबटिया में आयोजित यह अभ्यास पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, निगरानी व्यवस्था विकसित करने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सैन्य संचालन की तैयारी को मजबूत करने पर केंद्रित है। इससे दोनों देशों के सैनिकों को साझा प्रशिक्षण के जरिए अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने का अवसर मिल रहा है।




