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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > फूलों की घाटी में नियंत्रित रहेगी पर्यटकों की संख्या
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फूलों की घाटी में नियंत्रित रहेगी पर्यटकों की संख्या

Web Editor
Last updated: 2026/10/15 at 4:43 PM
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राजाजी और वैली आफ फ्लावर को ईको-सेंसेटिव जोन घोषित करने की तैयारी

Dehradun,  15 october 2026। विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क में पर्यटकों की संख्या नियंत्रित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए घाटी की पर्यटन वहन क्षमता का आकलन किया जाएगा। इससे तय करने में मदद मिलेगी कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना संवेदनशील क्षेत्र में कितने पर्यटकों को प्रवेश दिया जा सकता है। प्रमुख सचिव पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन आरके सुधांशु ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के प्रस्तावित ईको-सेंसेटिव जोन की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार किए जाएं। इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी, पर्यटन विभाग और अन्य विभागों से जानकारी जुटाई जाएगी। विभिन्न विभागों की रिपोर्ट के आधार पर ईको-सेंसेटिव जोन से जुड़े प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा।

प्राकृतिक संपदा के संरक्षण पर जोर

फूलों की घाटी अपनी दुर्लभ वनस्पतियों, रंग-बिरंगे फूलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां हर साल पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचते हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ क्षेत्र के नाजुक पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन भी जरूरी हो गया है। पर्यटन वहन क्षमता निर्धारित होने से पर्यटकों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद मिल सकती है। हालांकि, घाटी में एक दिन में कितने पर्यटकों को प्रवेश दिया जाएगा, इस पर अभी कोई अंतिम संख्या तय नहीं हुई है।

स्थानीय हितों का भी रखा जाएगा ध्यान

प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने कहा कि ईको-सेंसेटिव जोन के प्रस्ताव तैयार करते समय पारिस्थितिकी संरक्षण और स्थानीय लोगों की भावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण के उपाय तय करते समय क्षेत्र की परिस्थितियों और स्थानीय हितों को भी ध्यान में रखा जाएगा। बैठक में राजाजी नेशनल पार्क के प्रस्तावित ईको-सेंसेटिव जोन पर भी चर्चा की गई।

बैठक में सचिव वन सी. रविशंकर, पीसीसीएफ (वन्यजीव) नीना ग्रेवाल, सीसीएफ साकेत, नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व के निदेशक पंकज कुमार, डीएफओ केदारनाथ रजत सुमन, अपर सचिव अभिषेक रुहेला और अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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