Aadi kailash, 24 October 2026। बर्फीली हवाओं, हाड़ कंपाने वाली ठंड और समुद्र तल से करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर शनिवार को धावकों ने अपने हौसले से हिमालय की कठिन चुनौती का सामना किया। आदि कैलास की पावन धरती ज्योलिंगकांग में आयोजित आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन 2.0 में देश के 13 राज्यों से पहुंचे धावकों ने प्रतिकूल मौसम के बीच दौड़ लगाकर साहस, सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। माइनस सात डिग्री तापमान भी प्रतिभागियों के उत्साह को डिगा नहीं सका। जय महाकाल और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ प्रतियोगिता का आगाज हुआ।
आयोजन की शुरुआत सुबह साढ़े पांच बजे हुई। कड़ाके की ठंड के बीच धावक पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए तैयार नजर आए। सुबह 6:30 बजे सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। इसके दस मिनट बाद मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी और आईटीबीपी के अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया। दौड़ शुरू होते ही पूरा क्षेत्र देशभक्ति और धार्मिक नारों से गूंज उठा।
ऊंचाई और ठंड के बीच शारीरिक क्षमता की परीक्षा
हिमालय की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में आयोजित इस मैराथन में धावकों के सामने केवल दूरी तय करने की चुनौती नहीं थी, बल्कि कम तापमान और ऊंचाई के कारण शरीर पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव से निपटना भी जरूरी था। अधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन की उपलब्धता कम होने से सांस लेने और शारीरिक क्षमता बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में धावकों के लिए अपनी गति, ऊर्जा और सहनशक्ति के बीच संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती रहा। इसके बावजूद प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ मुकाबले में हिस्सा लिया।
65 वर्षीय महिपाल सिंह ने भी दिखाई हिम्मत
मैराथन में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी 65 वर्षीय महिपाल सिंह सबसे अधिक उम्र के धावक रहे। उनकी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि फिटनेस और मजबूत इच्छाशक्ति के लिए उम्र बाधा नहीं है। कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण रास्तों के बीच उनकी मौजूदगी अन्य प्रतिभागियों के लिए भी प्रेरणादायक रही।




