By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: पिछले 24 घंटे में उत्तराखण्ड में वनाग्नि की कोई भी नई घटना नही : मुख्‍य सचिव
Share
Notification Show More
Latest News
सारे झंझट खत्म, अब आपकी तरफ से फोन करेगा Google Gemini
उत्तराखंड
प्रेम-प्रसंग के शक में बहन और पड़ोसी युवक की गोली मारकर हत्या
उत्तराखंड
बारिश और हिमपात के बीच चारधाम यात्रा पर ब्रेक, पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर
उत्तराखंड
तीन अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, सुपर चेकिंग से परखी जा रही हर एंट्री
उत्तराखंड
कॉर्बेट में जंगल सफारी बनी पर्यटकों की पहली पसंद, 2.11 लाख सैलानियों ने किया भ्रमण
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > पिछले 24 घंटे में उत्तराखण्ड में वनाग्नि की कोई भी नई घटना नही : मुख्‍य सचिव
उत्तराखंड

पिछले 24 घंटे में उत्तराखण्ड में वनाग्नि की कोई भी नई घटना नही : मुख्‍य सचिव

Web Editor
Last updated: 2024/05/09 at 9:34 AM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

देहरादून : गृह सचिव, भारत सरकार की अध्यक्षता में राज्य में वनाग्नि की घटनाओं की समीक्षा बैठक में प्रतिभाग करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जानकारी दी कि पिछले 24 घण्टों में उत्तराखण्ड में वनाग्नि की कोई भी नई घटना नही हुई है। वनाग्नि की घटनाओं में पिछले दो दिनों से लगातार कमी आ रही है। उत्तराखण्ड में वनाग्नि से 0.1 प्रतिशत वन प्रभावित हुए है तथा इस सम्बन्ध में गलत आंकड़ों का दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी ।

सीएस राधा रतूड़ी ने जानकारी दी कि शासन-प्रशासन द्वारा अपनी पूरी ताकत वनाग्नि नियंत्रण में झोंक दी गई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वनाग्नि नियंत्रण के सम्बन्ध में निरन्तर समीक्षा व मॉनिटरिंग बैठक की जा रही हैं। मुख्य सचिव द्वारा भी लगातार मॉनिटरिंग बैठकों के साथ स्थिति पर सीधी निगरानी रखी जा रही है। पीसीसीएफ (हॉफ) द्वारा वन विभाग के फील्ड स्टाफ के साथ वनाग्नि मॉनिटरिंग हेतु लगातार बैठकें कर सभी डिवीजनों की जरूरतों के सम्बन्ध में जानकारी ली जा रही है। मुख्यालय स्तर के वरिष्ठतम अधिकारियों को जिलों में फील्ड में उतारा गया गया है। पीसीसीएफ (हॉफ) तथा एपीसीसीएफ वनाग्नि व आपदा प्रबन्धन द्वारा फील्ड ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है।

रिस्पॉन्स टाइम को कम करने में सफलता मिलने पर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने बताया की एफएसआई से प्राप्त फायर एलर्ट को तत्काल सम्बन्धित वाट्सअप गु्रप्स में डाल कर क्रू टीम को उसी समय घटनास्थल पर भेजा जा रहा है। एफएसआई से भारी संख्या में मिले फायर एलर्ट की विशेष मॉनिटरिंग करके वनाग्नि को कम से कम समय में नियंत्रित करने में सफलता मिली है।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने बताया कि राज्य में सक्रिय वन पंचायतों, वनाग्नि प्रबन्धन समितियों, महिला मंगल दलों, युवा मंगल दलों को जागरूक करके तथा उत्तरदायी बना कर गांवों के नजदीक के जंगल के इलाकों में वनाग्नि नियंत्रण में सफलता मिली है। वनाग्नि नियंत्रण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सामुदायिक संस्थाओं व फील्ड अधिकारियों को प्रोत्साहन, पुरस्कार व तत्काल बजट आंवटन से वनाग्नि नियंत्रण के प्रयासों को एक नई गति मिली।

मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने बताया कि वनाग्नि नियंत्रण में सभी सम्बन्धित विभागों जिनमें आपदा प्रबन्धन, फायर सर्विसेज, आदि के कार्मिकों का सहयोग लिया गया है। 28 अप्रैल से 1 मई तक एनडीआरएफ की 15वीं बटालियन ने नैनीताल फॉरेस्ट डिवीजन में वनाग्नि नियंत्रण में सहयोग किया तथा आज यह बटालियन गढ़वाल फॉरेस्ट डिवीजन पहुंच रही है। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर एमआई 17 वी 5 द्वारा 6 से 8 मई के बीच 44600 लीटर पानी का छिड़काव गढ़वाल फॉरेस्ट डिवीजन पौड़ी में किया गया। इस दौरान राज्य में 417 वन अपराध दर्ज किए गए, जिनमें से 356 अज्ञात एवं 61 ज्ञात रहे। 75 नामजद अपराधी रहे। 13 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 10 व्यक्तियों की गिरफतारी की जा चुकी है।

समीक्षा बैठक के दौरान गृह सचिव भारत सरकार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड में वनाग्नि नियंत्रण के सम्बन्ध में हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

बैठक में प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, सचिव डा0 रंजीत कुमार सिन्हा, अपर प्रमुख वन संरक्षक श्री निशांत वर्मा एवं सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

You Might Also Like

सारे झंझट खत्म, अब आपकी तरफ से फोन करेगा Google Gemini

प्रेम-प्रसंग के शक में बहन और पड़ोसी युवक की गोली मारकर हत्या

बारिश और हिमपात के बीच चारधाम यात्रा पर ब्रेक, पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर

तीन अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, सुपर चेकिंग से परखी जा रही हर एंट्री

कॉर्बेट में जंगल सफारी बनी पर्यटकों की पहली पसंद, 2.11 लाख सैलानियों ने किया भ्रमण

TAGGED: uttrakhand forest fire
Web Editor May 9, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article बाबा केदार की पंचमुखी डोली गौरीकुंड से केदारनाथ रवाना
Next Article भाजपा महानगर अध्‍यक्ष ने की प्रकाश सुमन ध्‍यानी से शिष्‍टाचार भेंट
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

सारे झंझट खत्म, अब आपकी तरफ से फोन करेगा Google Gemini
उत्तराखंड September 26, 2026
प्रेम-प्रसंग के शक में बहन और पड़ोसी युवक की गोली मारकर हत्या
उत्तराखंड September 26, 2026
बारिश और हिमपात के बीच चारधाम यात्रा पर ब्रेक, पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर
उत्तराखंड September 26, 2026
तीन अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, सुपर चेकिंग से परखी जा रही हर एंट्री
उत्तराखंड September 26, 2026

Recent Posts

  • सारे झंझट खत्म, अब आपकी तरफ से फोन करेगा Google Gemini
  • प्रेम-प्रसंग के शक में बहन और पड़ोसी युवक की गोली मारकर हत्या
  • बारिश और हिमपात के बीच चारधाम यात्रा पर ब्रेक, पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की चादर
  • तीन अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, सुपर चेकिंग से परखी जा रही हर एंट्री
  • कॉर्बेट में जंगल सफारी बनी पर्यटकों की पहली पसंद, 2.11 लाख सैलानियों ने किया भ्रमण

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,503)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (7,418)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (5,981)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (5,814)
  • हिमनद झीलों पर नजर, एक-दो मिनट में मिलेगा खतरे का अलर्ट (5,779)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?