By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: विश्व विटिलिगो दिवस पर हिमालयन हॉस्पिटल में चलाया गया जागरूकता अभियान
Share
Notification Show More
Latest News
अलौकिक आभा से दैदीप्यमान केदारनाथ, 51 कुंतलों फूलों से सजाया गया है मंदिर
उत्तराखंड
महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी जवाब : धामी
उत्तराखंड
चारधाम यात्रा का श्रीगणेश, गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुले,पहले दिन 10000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उत्तराखंड
आढ़त बाजार–तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार, मुआवजा वितरण से बढ़ा भरोसा
उत्तराखंड
फुटबॉल खेल रहे छात्र की गर्दन में घुसा भाला, मौत 
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > विश्व विटिलिगो दिवस पर हिमालयन हॉस्पिटल में चलाया गया जागरूकता अभियान
उत्तराखंड

विश्व विटिलिगो दिवस पर हिमालयन हॉस्पिटल में चलाया गया जागरूकता अभियान

Web Editor
Last updated: 2024/06/25 at 11:23 AM
Web Editor
Share
4 Min Read
SHARE

डोईवाला (देहरादून) :  विश्व विटिलिगो (सफेद दाग) दिवस के मौके पर हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान अस्पताल में आने वाले मरीजों सहित उनके परिजनों को इस रोग से जुड़ी भ्रांतियों के साथ उसके लक्षण व उपचार की जानकारी दी गई।

मंगलवार को हिमालयन हॉस्पिटल के त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले लोगों को विटिलिगो (सफेद दाग) के विषय में जानकारी दी गयी। विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि जिंदल ने कहा कि समाज में विटिलिगो से जुड़े कई मिथकों के कारण प्रभावित लोगों को अक्सर सामाजिक बहिष्कार का सामना भी करना पड़ता है। विटिलिगो व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित नहीं करता है। इसे लेकर जागरूकता फैलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विटिलिगो एक प्रकार का त्वचा विकार है, जिसे सामान्यतः ल्यूकोडर्मा के नाम से जाना जाता है। इसमें शरीर की रंग बनाने वाली कोशिकाएं प्रभावित होती हैं। यह संक्रामक रोग नहीं है। डॉ. वाईएस बिष्ट ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के कारण सफेद दाग की रोक-थाम के लिए काफी विकल्प मौजूद हैं। कई मरीजों में सर्जरी से त्वचा प्रत्योरोपण से सफेद दाग का इलाज संभव है। डॉ. समरजीत रॉय ने कहा कि समाज में इस बीमारी से जुड़ी कुछ भ्रांतियां है जैसे खान-पान में सफेद चीजें जैसे दूध, दही, पनीर आदि का सेवन, यह एक कुष्ठ रोग और छूने से फैलता है, सफेद दाग का इलाज संभव नहीं है। सफेद दाग से जुड़ी ऐसे ही कई गलत धारणाएं हैं, इन्हें जागरुकता से ही दूर किया जा सकता है। डॉ. दीक्षिता, डॉ. अर्नव, डॉ. ऋतु, डॉ. अनुज, डॉ. जागृति, डॉ. दर्शना, डॉ. वृंदा, डॉ. साक्षी, डॉ. शोभित, डॉ. ताबीर ने ओपीडी में आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से सफेद दाग के उपचार, लक्ष्ण व इससे जुड़ी भ्रांतियों के विषय में विस्तार से जानकारी दी।

निशुल्क पीटीएसडी शिविर 27 जून को

हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट की ओर से 27 जून को अंतर्राष्ट्रीय पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) जागरूकता दिवस मनाया जायेगा। इस अवसर पर नैदानिक मनोविज्ञान विभाग की ओर से पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अस्पताल में पीटीएसडी पीड़ितों के लिए निशुल्क सहायता शिविर आयोजित किया जायेगा। शिविर 27 जून को सुबह 10 बजे से ब्लाक 2 के कमरा नम्बर 5 में चलेगा। 28 जून को बहादराबाद में आरडीआई के सहयोग से पीटीएसडी पर सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके अलावा अस्पताल में आने वाले लोगों के पोस्टर प्रदर्शनी भी आयोजित की जायेगी। नैदानिक मनोविज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. मालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि पीटीएसडी एक मानसिक स्वास्थ्य विकार है जो कुछ लोगों में किसी दर्दनाक घटना का अनुभव करने या देखने के बाद विकसित होता है। दर्दनाक घटना जीवन के लिए ख़तरा हो सकती है, जैसे कि युद्ध, प्राकृतिक आपदा , कार दुर्घटना या यौन उत्पीड़न। उन्होंने पीटीएसडी पीड़ितों से इस निशुल्क सहायता शिविर का लाभ उठाने की बात कही।

You Might Also Like

अलौकिक आभा से दैदीप्यमान केदारनाथ, 51 कुंतलों फूलों से सजाया गया है मंदिर

महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी जवाब : धामी

चारधाम यात्रा का श्रीगणेश, गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुले,पहले दिन 10000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

आढ़त बाजार–तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार, मुआवजा वितरण से बढ़ा भरोसा

फुटबॉल खेल रहे छात्र की गर्दन में घुसा भाला, मौत 

TAGGED: Awareness campaign conducted in Himalayan Hospital on World Vitiligo Day
Web Editor June 25, 2024
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article नए आपराधिक कानून लागू करने लिए उत्तराखंड की तैयारी पूरी
Next Article 75 हजार की रिश्‍वत लेेते स्‍टेट जीएसटी का सहायक आयुक्‍त रंगे हाथ गिरफ्तार
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

अलौकिक आभा से दैदीप्यमान केदारनाथ, 51 कुंतलों फूलों से सजाया गया है मंदिर
उत्तराखंड April 21, 2026
महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी जवाब : धामी
उत्तराखंड April 20, 2026
चारधाम यात्रा का श्रीगणेश, गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुले,पहले दिन 10000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उत्तराखंड April 19, 2026
आढ़त बाजार–तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार, मुआवजा वितरण से बढ़ा भरोसा
उत्तराखंड April 19, 2026

Recent Posts

  • अलौकिक आभा से दैदीप्यमान केदारनाथ, 51 कुंतलों फूलों से सजाया गया है मंदिर
  • महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी जवाब : धामी
  • चारधाम यात्रा का श्रीगणेश, गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट खुले,पहले दिन 10000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
  • आढ़त बाजार–तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार, मुआवजा वितरण से बढ़ा भरोसा
  • फुटबॉल खेल रहे छात्र की गर्दन में घुसा भाला, मौत 

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (6,117)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (6,007)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (4,508)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (4,384)
  • प्रधानमंत्री माेदी और गृह मंत्री शाह जल्‍द आएंगे उत्‍तराखंड (4,292)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?