By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: उपनल कर्मचारी के लिए दुर्घटना बीमा अब एक लाख पचास हजार
Share
Notification Show More
Latest News
शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट
उत्तराखंड
कांग्रेस बोझ समझती है तो घर बैठने को तैयार: हरीश रावत
उत्तराखंड
अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे
उत्तराखंड
क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी
उत्तराखंड
चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > उपनल कर्मचारी के लिए दुर्घटना बीमा अब एक लाख पचास हजार
उत्तराखंड

उपनल कर्मचारी के लिए दुर्घटना बीमा अब एक लाख पचास हजार

Web Editor
Last updated: 2025/03/02 at 3:22 AM
Web Editor
Share
5 Min Read
SHARE

देहरादून  :  उपनल के 21वें स्थापना दिवस के अवसर पर सुबे के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों और उपनल कार्मिकों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की, जिनमें प्रमुख रुप से उपनल के वेलफेयर फंड के माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जनपदों के एक-एक गांव में सैनिक कल्याण के क्षेत्र में विकास कार्य किए जाएंगे। इसी प्रकार, उपनल कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु होने पर दिये जाने वाली तात्कालिक राशि को एक लाख से बढ़ाकर रुपये 1.50 लाख करने तथा मुख्यमंत्री राहत कोष में 01 करोड़ की धनराशि दिये जाने की घोषणा की।
शनिवार को देहरादून के गढ़ी कैंट क्षेत्र में आयोजित उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के 21वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 में जिस उद्देश्य से उपनल की स्थापना की गई थी, वह उद्देश्य आज भी पूरी तरह से सार्थक किया जा रहा है। पूर्व सैनिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए गठित उपनल ने न केवल पूर्व सैनिकों, बल्कि वीर नारियों एवं उनके आश्रितों को भी रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अधिकांश सैनिक 35 से 40 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो जाते हैं, जिस समय उनके ऊपर परिवार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ होती हैं। ऐसे में, उपनल इन पूर्व सैनिकों, वीर नारियों एवं उनके आश्रितों को रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने घोषणा के बाद अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में मंत्रिमण्डल द्वारा उपनल को देहरादून के गुनियालगांव में निशुल्क भूमि दिये जाने पर सहमति दी है। सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सैनिकों और पूर्व सैनिकों के परिवारों को सुविधाएं प्रदान होगी और उनके क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उपनल के कार्यालय के निर्माण के लिए भूमि का चयन हो गया है, और एक वर्ष के भीतर उनपल के कार्यालय का भी निर्माण कर लिया जाऐगा। उन्होंने बताया कि अब तक उपनल के माध्यम से लगभग 24,746 बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। पिछले एक वर्ष में 2,500 पूर्व सैनिकों को विभिन्न राज्यों में नियुक्ति दी गई है, और इतने ही पूर्व सैनिकों को और नियुक्ति देने की प्रक्रिया जारी है। इस प्रयास से उपनल को वार्षिक लगभग 40 करोड़ रुपये का सर्विस चार्ज मिलने की संभावना है। सैनिक कल्याण मंत्री ने उपनल की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन प्रदेश में पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के पुनर्वास के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है और सरकार की ओर से इसे हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
स्थापना दिवस समारोह को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश के माध्यम से सम्बोधित किया। उन्होंने उपनल के कार्मिकों तथा उपनल के माध्यम से प्रायोजित कार्मिकों को स्थापना दिवस की बधाई दी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जल्द ही उपनल के माध्यम से विदेशों में भी नौकरी मिलेगी। उन्होंने राज्य के सभी पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों को भी बधाई दी।

21वें स्थापना दिवस पर इन उपनल कार्मिकों को किया गया सम्मानित – स्थापना दिवस इस अवसर पर उपनल में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। डीजीएम मेजर (सेनि) हिमांशु रौतेला, सूबेदार मेजर राजेंद्र प्रसाद, हवलदार सुभाष चंद्र ज़ख्मोला, हवलदार बाबूराम क्षेत्री, नायक सतेश्वर प्रसाद सती, संजय रावत, प्रियंका नेगी, नायक जीत पाल सिंह, सूबेदार दीपक सिंह नेगी।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, उपनल चेयरमैन मेजर जनरल (सेनि) सम्मी सभरवाल, उपनल के प्रबंध निदेशक बिग्रेडियर जेएनएस बिष्ट, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, ले0 जनरल टीपीएस रावत, ले0 जनरल जयवीर सिंह नेगी, ले0 जनरल गंभीर सिंह नेगी, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, ब्रिगेडियर रमेश भाटिया, मेजर जनरल एमएस असवाल, मेजर जनरल आनंद सिंह रावत, कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी, पीटीआर शमशेर सिंह बिष्ट, कैप्टन धनराम नैनवाल, कर्नल सतीश शर्मा, ले0 कर्नल रौतेला सहित कई उपनल के कार्मिक और पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

You Might Also Like

शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट

कांग्रेस बोझ समझती है तो घर बैठने को तैयार: हरीश रावत

अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे

क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी

चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी

TAGGED: Accident insurance for Upanal employee now Rs 1 lakh fifty thousand
Web Editor March 2, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article देहरादून में स्‍पा सेंटरों पर पुुलिस का छापा, 25 का चालान
Next Article माणा हादसा : हिमस्‍खलन की चपेट में आने से चार श्रमिकों की मौत, चार लापता की तलाश तेज
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट
उत्तराखंड October 10, 2026
कांग्रेस बोझ समझती है तो घर बैठने को तैयार: हरीश रावत
उत्तराखंड October 10, 2026
अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे
उत्तराखंड October 9, 2026
क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी
उत्तराखंड October 8, 2026

Recent Posts

  • शीतकाल के लिए बंद हुए हेमकुंड साहिब के कपाट
  • कांग्रेस बोझ समझती है तो घर बैठने को तैयार: हरीश रावत
  • अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे
  • क्यूआर कोड से मिलेगी कुंभ की पूरी जानकारी
  • चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क: धामी

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • पहाड़ के स्वाद ने पार किया छह करोड़ का आंकड़ा, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ बना नया बाजार (9,591)
  • अब एआई और रोबोटिक्स सीखेंगे उत्तराखंड के स्कूली बच्चे (7,946)
  • 300 रुपये के लिए वृद्ध दंपती समेत तीन को पेचकस से गोदा, मौत (7,713)
  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,671)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (7,623)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?