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Himalaya Ki Awaj > Blog > उत्तराखंड > इंटरनेट कनेक्‍टिविटी : पिटकुल की फाइबर ऑप्टिकल लाइन का इस्‍तेमाल कर सकती हैं टेलीकाम कंपनियां
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इंटरनेट कनेक्‍टिविटी : पिटकुल की फाइबर ऑप्टिकल लाइन का इस्‍तेमाल कर सकती हैं टेलीकाम कंपनियां

Web Editor
Last updated: 2025/07/11 at 4:17 AM
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राज्य स्तरीय ब्रॉडबैंड समिति की बैठक में मुख्‍य सचिव ने कहा किराये पर किया जा सकता है उपयोग

देहरादून : मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में टेलीकम्युनिकेशन विभाग के तत्वाधान में आठवीं राज्य स्तरीय ब्रॉडबैंड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में टेलीकम्युनिकेशन विभाग, मोबाइल कम्युनिकेशन प्रदाता फर्म और संबंधित अधिकारियों द्वारा भारत सरकार की संचार और इंटरनेट कनेक्टिविटी से संबंधित परियोजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में विभिन्न विभागों से संबंधित विभिन्न मुद्दों और उसके समाधान पर व्यापक विचार- विमर्श किया गया।

बैठक में विभिन्न मोबाइल कम्युनिकेशन प्रदाता फर्म द्वारा रिमोट एरिया में उच्च तीव्रता की इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रोवाइड करने में कुछ क्षेत्रों में सड़क संपर्क का ना होना बताया। जिस पर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि रिमोट एरिया में एक भी विलेज अथवा एक भी कस्बा इंटरनेट कनेक्टिविटी से वंचित नहीं होना चाहिए। यदि कुछ जगह सड़क संपर्क मार्ग ना हो तो वहां पर हवाई ट्रांसपोर्ट द्वारा उपकरणों को पहुंचाया जाए और इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि पिटकुल के पास 617 किलोमीटर की फाइबर ऑप्टिकल लाइन बिछी हुई है उसको विभिन्न टेलीकॉम कंपनियां रेंट पर लेकर उसका उपयोग सकती हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि चूंकि राज्य में RoW (राइट ऑफ वे) रूल्स – 2014 पहले से ही लागू हैं। इसलिए उसके अनुसार ही इंटरनेट कनेक्टिविटी से संबंधित सेवाएं देना सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव ने पुराने टेलीकॉम टॉवर्स को नियमित करने तथा कॉमन डक्ट और एरियल केबल पॉलिसी बनाने के लिए सचिव आईटी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल, पिटकुल, फॉरेस्ट, बीएसएनल तथा संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इंटरनेट कनेक्टिविटी और संचार कनेक्टिविटी योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित जो भी इश्यू उनसे संबंधित हैं उनका त्वरित निराकरण करें। इसके लिए संबंधित जिला प्रशासन, टेलीकॉम डिपार्टमेंट और संबंधित टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी के साथ आपसी समन्वय स्थापित करते हुए उनका समाधान निकालें।

उन्होंने सभी मोबाइल कम्युनिकेशन प्रदाता कंपनियों को निर्देशित किया कि शहरों और कस्बों में भी जहां पर कनेक्टिविटी का पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद हैं फिर भी अनेक बार कॉल ड्रॉप की समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। इसके लिए सभी कम्युनिकेशन प्रदाता कंपनियां अपने-अपने रिसोर्सेस का पुनः सर्वे कर लें तथा कॉल ड्रॉप या कनेक्टिविटी में अवरोध जैसी समस्याओं का स्थाई समाधान करना सुनिश्चित करें।

टेलिकॉम विभाग ने अवगत कराया कि भारतनेट स्कीम के अंतर्गत राज्य में 6590 कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

राज्य के 30 विकासखंडों की 1819 ग्राम पंचायतों में जिसमें ग्राम पंचायत कार्यालय, पीएससी (प्राथमिक सर्विस सेंटर) इत्यादि में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है। इनमें 13576 कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

अवगत कराया कि केंद्र के गति शक्ति GIS पोर्टल पर वर्तमान समय तक राज्य के तीन लाख से अधिक स्ट्रीट फर्नीचर (कनेक्टिविटी से संबंधित विद्युत खंबे, टावर इत्यादि इक्विपमेंट्स) मैप कर दिए गए हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव एल एल फैनई, राज्य में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के नोडल (सचिव आईटी नितेश कुमार झा तथा निदेशक ITDA गौरव कुमार), सचिव सी रविशंकर, डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन से ADG वेस्ट UP आर एस परमार व DPG रूरल देहरादून राजीव बंसल के अतिरिक्त बीएसएनल, एयरटेल, जिओ, इंडस टावर तथा संबंधित विभागों व फर्म के अधिकारी व प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित थे।

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