Republic Day Celebrated with Patriotism at SGRRU and SGRR Institutions, Dehradun

देहरादून, 27 जनवरी 2026। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) सहित एसजीआरआर समूह के समस्त शिक्षण संस्थानों में गणतंत्र दिवस का पर्व पूरे हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, एसजीआरआर विश्वविद्यालय तथा समूह के अन्य संस्थानों में राष्ट्रीय ध्वज को आन-बान और शान के साथ फहराया गया। हर ओर देशप्रेम, संविधान के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रगौरव की भावना देखने को मिली।
श्री दरबार साहिब परिसर में सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने प्रातः 9 बजे तिरंगा फहराकर देश व प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने, भारतीय संस्कृति और मूल्यों को आत्मसात करने तथा संविधान की मर्यादाओं का पालन करने का आह्वान किया।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और अनुशासित परेड की सलामी ली। एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस कंटिंजेंट तथा विश्वविद्यालय के 11 संघटक स्कूलों के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सुसंगठित परेड ने समारोह को भव्य स्वरूप प्रदान किया। युवाओं का अनुशासन और उत्साह राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शा रहा था।
कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा को समझने और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का अवसर है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं, शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी से राष्ट्रहित में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान के लिए एनसीसी सीनियर अंडर ऑफिसर आकृति रावत, अंडर ऑफिसर निधि सोग्रवाल, अंडर ऑफिसर आदित्य पटवाल तथा सार्जेंट प्रियंका को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने संविधान निर्माताओं के सपनों को साकार करने और राष्ट्रनिर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं, जहां से जिम्मेदार, संस्कारित और राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण होता है।
समारोह के दौरान देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अनुशासित वातावरण ने राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रबल किया। विश्वविद्यालय के सभी संकायाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस अवसर पर उपस्थित रहे।
