Rishikesh, 03 june 2026। चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बीच राज्य सरकार अब भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने बुधवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप का औचक निरीक्षण कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बढ़ती भीड़ के बावजूद किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने ट्रांजिट कैंप में पहुंचकर पंजीकरण व्यवस्था, स्वास्थ्य जांच केंद्र, आवासीय सुविधाएं, पेयजल, स्वच्छता और यात्री सहायता केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की आस्था, संस्कृति और प्रतिष्ठा से जुड़ी है, इसलिए यात्रा के हर पड़ाव पर व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भीड़ नियंत्रण की रणनीति को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि लंबी कतारों और अनावश्यक भीड़भाड़ की स्थिति न बने।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की समीक्षा की और निर्देश दिए कि पंजीकरण काउंटरों की क्षमता बढ़ाने के साथ प्रक्रिया को अधिक तेज और सुगम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का समय बचाना और उन्हें बिना किसी असुविधा के यात्रा पर रवाना करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं को भी यात्रा प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग और दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य जांच केंद्रों को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए तथा चिकित्सा दल लगातार यात्रियों की निगरानी करें। उन्होंने कैंप में गर्मी को देखते हुए अतिरिक्त कुलर लगाने, पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने और स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं से सीधे बातचीत कर यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। यात्रियों ने पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच और ठहरने की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि व्यवस्थाओं में लगातार सुधार दिखाई दे रहा है, जिससे यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित बनी है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कैंप में संचालित नि:शुल्क लंगर सेवा, एलईडी स्क्रीन पर धार्मिक प्रसारण और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ये पहलें श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के साथ स्थानीय लोगों की आजीविका को भी मजबूत कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के आगामी चरणों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल यात्रा संचालित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करना है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।




