Dehradun, 24 August2026। उत्तराखंड में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के विस्तार की राह में बार-बार होने वाली रोड कटिंग अब बड़ी अड़चन नहीं बनेगी। सरकार ने सभी जिलों में पीएनजी नेटवर्क विस्तार के लिए गैस कंपनियों और एजेंसियों से विस्तृत कार्ययोजना तलब की है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में पीएनजी पाइपलाइन और कनेक्शन कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सड़क निर्माण और पीएनजी पाइपलाइन बिछाने की योजनाओं को पहले से आपस में जोड़ा जाए, ताकि नई सड़क बनने के बाद दोबारा उसकी खुदाई न करनी पड़े।
मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न विभागों और गैस एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के अभाव में एक ही सड़क को बार-बार खोदने की स्थिति पैदा होती है। इससे सरकारी धन और समय दोनों की बर्बादी होती है, साथ ही आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सड़क या अन्य निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं, वहां पीएनजी पाइपलाइन के लिए पहले से जरूरी प्रावधान कर लिए जाएं।
बारिश का मौसम समाप्त होने और रोड कटिंग की अनुमति मिलने के बाद पाइपलाइन बिछाने के कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। मुख्य सचिव ने एजेंसियों को उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए काम को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। भारत सरकार की गोवर्धन योजना के तहत उपलब्ध सब्सिडी का लाभ लेने के लिए भी प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।
कुंभ से पहले हरिद्वार में पूरा होगा नेटवर्क विस्तार
पीएनजी विस्तार में हरिद्वार को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कुंभ से पहले शहर और आसपास के क्षेत्रों में पीएनजी से जुड़े जरूरी कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने संबंधित एजेंसियों को परियोजनावार स्पष्ट समयसीमा तय करने के निर्देश दिए।
हर एजेंसी को पाइपलाइन बिछाने से लेकर कनेक्शन देने तक की पूरी टाइमलाइन तैयार करनी होगी। इसके साथ ही सप्ताहवार लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे और हर सप्ताह की उपलब्धि की समीक्षा होगी। इससे किसी भी स्तर पर काम की रफ्तार धीमी होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।
भूमि आवंटन के लिए बनेगी स्पष्ट नीति
पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में भूमि से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के लिए आपूर्ति विभाग को गैस कंपनियों के लिए भूमि आवंटन, किराये और लीज से संबंधित स्पष्ट नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। नीति में रोड कटिंग और रोड डिगिंग से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क या किसी अन्य सार्वजनिक परिसंपत्ति की खुदाई के बाद उसे तय मानकों के अनुसार जल्द पूर्व स्थिति में लाना संबंधित गैस एजेंसी की जिम्मेदारी होगी। इससे पीएनजी विस्तार के साथ सार्वजनिक संपत्तियों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।
बैठक में अपर सचिव रुचि मोहन रयाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, आयुक्त खाद्य एवं आपूर्ति बीएल राणा, अपर आयुक्त पीएस पांगती सहित विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी और गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




