Dehradun, 04 September 2026। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के लिए गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना जरूरी है। गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे तो स्थानीय आय में इजाफा होगा, पलायन का दबाव घटेगा और प्रदेश की आर्थिकी को भी गति मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रदेश के विकास की आधारशिला बताते हुए विभागीय कार्मिकों से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के 101 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 88 पशुधन प्रसार अधिकारी और 13 गन्ना पर्यवेक्षक शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन और गन्ना विकास जैसे विभाग सीधे गांवों की अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में पशुपालन लंबे समय से हजारों परिवारों की आजीविका का आधार रहा है। खासकर ग्रामीण महिलाओं के लिए पशुपालन आय का महत्वपूर्ण जरिया बन रहा है। सरकार का प्रयास है कि पारंपरिक आजीविका को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़कर ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाई जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना और मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के माध्यम से पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गाय, बकरी, भेड़ और मुर्गी पालन की इकाइयां अनुदान पर उपलब्ध कराने के साथ कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
नवनियुक्त कार्मिकों को संदेश देते हुए धामी ने कहा कि किसान और पशुपालक सरकारी योजनाओं के सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ समझना और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ को कार्यशैली का आधार बनाने की बात कही।
यूपी से पांच रुपये अधिक गन्ना मूल्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गन्ना किसानों के हितों को भी प्राथमिकता दे रही है। गन्ना सर्वेक्षण व्यवस्था को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। किसानों को उन्नत प्रजातियों, वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीक की जानकारी देने के लिए गन्ना क्लीनिक एवं परामर्श केंद्र शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में गन्ना किसानों को उत्तर प्रदेश की तुलना में पांच रुपये प्रति कुंतल अधिक गन्ना मूल्य दिया जा रहा है।
पांच साल में 34 हजार से अधिक नियुक्तियां
धामी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है। सख्त नकल विरोधी कानून और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब सरकारी नौकरी पाने में सिफारिश की भूमिका खत्म हुई है और युवाओं को मेहनत व प्रतिभा के आधार पर अवसर मिल रहा है।




