By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • देश-विदेश
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो न्यूज़
Search
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Reading: देश में अभी कुल 13212 स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी, उत्‍तराखंड में 178
Share
Notification Show More
Latest News
कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार
उत्तराखंड
प्रकृति से संस्कृति के सफ़र पर देवभूमि का मीडिया दल, छत्तीसगढ़ में देखेंगे विकास की तस्वीर
उत्तराखंड
अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, ओम पर्वत से कॉर्बेट तक सजेगा उत्तराखंड अतिथि गृह
उत्तराखंड
स्क्रीन पर खुल रही ज्ञान की नई दुनिया, ढुंगीधार के 114 बच्चों की पढ़ाई हुई स्मार्ट
उत्तराखंड
युवा तय करेंगे देश और उत्तराखंड के भविष्य की दिशा : धामी
उत्तराखंड
Aa
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Aa
  • पर्यटन
  • राजनीती
Search
  • उत्तराखंड
  • करियर
  • राजनीती
  • पर्यटन
Follow US
  • Advertise
© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs
Himalaya Ki Awaj > Blog > देश-विदेश > देश में अभी कुल 13212 स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी, उत्‍तराखंड में 178
देश-विदेश

देश में अभी कुल 13212 स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी, उत्‍तराखंड में 178

Web Editor
Last updated: 2025/07/23 at 7:34 AM
Web Editor
Share
1 Min Read
SHARE

नई दिल्‍ली : आज से तीन सप्‍ताह बाद देश आजादी के 78वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहा है। यह गौरव की बात है कि आजादी के संघर्ष में अपना जीवन और जवानी दांव पर लगाने वाले 13212 स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सानिध्‍य आज भी देश को मिल रहा है। इनमें से सर्वाधिक 3017 तेलंगाना, 1543 महाराष्ट्र और सबसे कम मिजोरम में एकमात्र स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी जीवित हैं। उत्‍तराखंड में यह आंकडा 178 है।

लोकसभा में एक प्रश्‍न के उत्‍तर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री संजय कुमार यह जानकारी देते हुए बताया कि स्वतंत्रता सैनिक सम्मान योजना (एसएसएसवाई) के अंतर्गत 13212 पेंशनभोगी अब भी जीवित हैं और एसएसएसवाई सम्मान पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।  वहीं 9778 विधवाएँ (पति/पत्नी) भी एसएसएसवाई सम्मान पेंशन प्राप्त कर रही हैं।

You Might Also Like

नेपाल में जलप्रलय: 165 की मौत, 1500 लापता, ग्लेशियर टूटने से मची तबाही

देश मे साइबर कुश्ती’ का दंगल 15 सितंबर से 

पहली बार ‘लाइव हार्ट’ लेकर दौड़ी वंदे भारत

बुजुर्गों के लिए भी बहुतहै रोजगार के मौके 

अब टोल प्लाजा नहीं जाना पड़ेगा, मोबाइल ऐप पर घर बैठे बनेगा डिजिटल लोकल पास

TAGGED: 178 in Uttarakhand, There are currently 13212 freedom fighters in the country
Web Editor July 23, 2025
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन  की अंतिम तिथि 15 अगस्‍त तक बढी
Next Article अब अनानास पर नहीं हो पाएगा फफूंद का हमला
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM-1.mp4
https://himalayakiawaj.com/wp-content/uploads/2026/02/WhatsApp-Video-2025-04-22-at-7.39.16-PM.mp4

Stay Connected

100 Followers Like
100 Followers Follow
100 Followers Follow
100 Subscribers Subscribe
4.4k Followers Follow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार
उत्तराखंड September 15, 2026
प्रकृति से संस्कृति के सफ़र पर देवभूमि का मीडिया दल, छत्तीसगढ़ में देखेंगे विकास की तस्वीर
उत्तराखंड September 14, 2026
अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, ओम पर्वत से कॉर्बेट तक सजेगा उत्तराखंड अतिथि गृह
उत्तराखंड September 13, 2026
स्क्रीन पर खुल रही ज्ञान की नई दुनिया, ढुंगीधार के 114 बच्चों की पढ़ाई हुई स्मार्ट
उत्तराखंड September 13, 2026

Recent Posts

  • कोयले की तपिश और हरियाली की बयार, गेवरा खदान पहुंचे उत्तराखंड के पत्रकार
  • प्रकृति से संस्कृति के सफ़र पर देवभूमि का मीडिया दल, छत्तीसगढ़ में देखेंगे विकास की तस्वीर
  • अयोध्या में दिखेगी देवभूमि की पहचान, ओम पर्वत से कॉर्बेट तक सजेगा उत्तराखंड अतिथि गृह
  • स्क्रीन पर खुल रही ज्ञान की नई दुनिया, ढुंगीधार के 114 बच्चों की पढ़ाई हुई स्मार्ट
  • युवा तय करेंगे देश और उत्तराखंड के भविष्य की दिशा : धामी

साथियों, ये है हिमालय की आवाज. आप सोच रहे होंगे कि इतने पोर्टल के बीच एक और पोर्टल. इसमें क्या अलग है. यूं तो इसमें भी खबर ही होंगी, लेकिन साथ ही होगी हिमालय की आवाज यानी अपनी माटी, अपने गांव गली और चौक की बात. जल-जंगल और जमीन की बात भी. पहाड़ के विकास के लिए हम दमदार आवाज बनेंगे. आप सभी शुभचिंतकों के सहयोग का आकांक्षी. : किरण शर्मा, संस्‍थापक

Most Viewed Posts

  • मक्‍की की वजह से पर्यटन के नक्‍शे पर आया यह गांव (7,442)
  • राज्य में 12 पी माइनस थ्री पोलिंग स्टेशन बनाए गए (7,331)
  • टिहरी राजपरिवार के पास 200 करोड से अधिक की संपत्ति (5,889)
  • कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों पर जनजागरूकता में जुटा चुनाव आयोग (5,745)
  • हिमनद झीलों पर नजर, एक-दो मिनट में मिलेगा खतरे का अलर्ट (5,723)
Himalaya Ki AwajHimalaya Ki Awaj
Follow US

© 2023 Himalaya Ki Awaj. All Rights Reserved. | Designed By: Tech Yard Labs

Removed from reading list

Undo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?