एरीज के वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर सिमुलेशन से खोजा चमक बदलने का कारण, शोध से ब्लैक होल की गतिविधियों और ऊर्जा प्रवाह को समझने में मिलेगी मदद
Nainital, 05 November 2026: अंतरिक्ष में मौजूद ब्लैक होल के आसपास एक्स-रे की चमक कभी तेज तो कभी धीमी क्यों हो जाती है, वैज्ञानिकों ने इस रहस्य को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के वैज्ञानिकों ने कंप्यूटर सिमुलेशन के जरिए इस बदलाव के पीछे काम करने वाली भौतिक प्रक्रिया का पता लगाया है। यह अध्ययन ब्लैक होल के आसपास पदार्थ की गति और ऊर्जा के व्यवहार को समझने में मददगार साबित हो सकता है।
एरीज के वैज्ञानिक सनित देबनाथ और डॉ. इंद्रनील चट्टोपाध्याय के नेतृत्व में यह शोध किया गया है। इसके निष्कर्ष जर्नल ऑफ हाई एनर्जी एस्ट्रोफिजिक्स में प्रकाशित हुए हैं।
दरअसल, ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण इतना शक्तिशाली होता है कि उससे प्रकाश भी बाहर नहीं निकल सकता। इसके आसपास गैस और दूसरे पदार्थ तेजी से घूमते हुए उसकी ओर बढ़ते हैं। इससे चक्र जैसी संरचना बनती है, जिसे एक्रीशन डिस्क कहते हैं। अत्यधिक ताप और घर्षण के कारण इस क्षेत्र से एक्स-रे निकलती हैं। इनकी चमक में होने वाले नियमित उतार-चढ़ाव को अर्ध-आवधिक दोलन कहा जाता है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, पदार्थ के प्रवाह में आंतरिक घर्षण एक निश्चित सीमा से अधिक होने पर उसमें बनने वाला झटका अस्थिर होकर डगमगाने लगता है। यही हलचल एक्स-रे की चमक में बदलाव पैदा कर सकती है। ब्लैक होल की घूमने की गति भी इस प्रक्रिया को प्रभावित करती है।
इस शोध से ब्लैक होल के घूर्णन, उसके आसपास पदार्थ की गतिविधियों और ऊर्जा के प्रवाह को समझने में मदद मिलेगी।




